Wednesday, February 11, 2026
Homeचिड़ावानववर्ष पर नशे के खिलाफ संदेश: चिड़ावा में 31 दिसंबर को दुग्ध...

नववर्ष पर नशे के खिलाफ संदेश: चिड़ावा में 31 दिसंबर को दुग्ध महोत्सव, युवाओं से करेंगे ‘शराब छोड़ो, दूध से नाता जोड़ो’ की अपील

चिड़ावा: शहर में नववर्ष के अवसर पर बढ़ती नशाखोरी और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के बीच लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट एक बार फिर सकारात्मक सामाजिक संदेश के साथ सामने आया है। ट्रस्ट की ओर से 31 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले दुग्ध महोत्सव के जरिए युवाओं को शराब जैसी नशे की आदतों से दूर रखकर स्वस्थ, सात्विक और संस्कारयुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जाएगा। बीते पांच वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम अब क्षेत्र में नशामुक्ति अभियान का एक सशक्त प्रतीक बनता जा रहा है।

लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित दुग्ध महोत्सव का मूल उद्देश्य नववर्ष के नाम पर फैल रही शराब पार्टियों और देर रात तक चलने वाली नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। ट्रस्ट से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नववर्ष का स्वागत स्वास्थ्यवर्धक और सकारात्मक तरीके से भी किया जा सकता है। इसी सोच के तहत “दूध से रिश्ता जोड़ो और शराब से नाता तोड़ो” जैसे प्रेरक नारे के साथ यह आयोजन किया जाता है, जो युवाओं को नशे के बजाय पोषण और संयम की ओर प्रेरित करता है।

ट्रस्ट द्वारा दुग्ध महोत्सव का आयोजन पिछले पांच वर्षों से निरंतर किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि नववर्ष पर क्लब कल्चर और शराब सेवन से जुड़े दुष्परिणाम समाज और परिवार दोनों पर नकारात्मक असर डालते हैं। ऐसे में यह आयोजन न केवल नशामुक्ति का संदेश देता है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली को भी मजबूत करता है।

यह दुग्ध महोत्सव 31 दिसंबर 2025 को शाम 4 बजे से चिड़ावा की नई सब्जी मंडी के सामने, संकट मोचन बालाजी मंदिर के पास आयोजित किया जाएगा। आयोजन स्थल को इस प्रकार चुना गया है ताकि अधिक से अधिक आमजन और युवा वर्ग इसमें सहजता से भाग ले सकें। कार्यक्रम के दौरान दूध वितरण के साथ-साथ सामाजिक संवाद और सकारात्मक संदेशों के माध्यम से नववर्ष को नशामुक्त संकल्प के साथ मनाने का आह्वान किया जाएगा।

लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट ने क्षेत्र के युवाओं, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से इस दुग्ध महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। ट्रस्ट का मानना है कि यदि नववर्ष की शुरुआत संयम, स्वास्थ्य और सद्भाव के साथ की जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि उत्सव का अर्थ नशा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी है।

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!