चिड़ावा: झुंझुनूं जिले की ऐतिहासिक नरहड़ दरगाह पर 757वें उर्स का आध्यात्मिक समापन शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। देशभर से आए जायरीन, सूफी माहौल, बॉलीवुड सिंगर अल्तमस फरीदी की जियारत और अमन-चैन की दुआओं ने आयोजन को खास बना दिया। दरगाह पर उमड़ी भीड़ ने आध्यात्मिक एकता, भाईचारा और मुल्क की तरक्की के संदेश को और मजबूत किया।
बॉलीवुड सिंगर अल्तमस फरीदी ने की जियारत और दुआ
नरहड़ दरगाह पर पहुंचे अल्तमस फरीदी ने जियारत कर मुल्क की तरक्की, अमन-शांति और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। दरगाह के खादिम अमजद पठान ने फरीदी को दस्तार पहनाकर स्वागत किया और दुआओं से नवाज़ा। सूफियाना माहौल के बीच मौजूद लोगों ने फरीदी के आने को उर्स की विशेष खुशी बताया।
सुबह फातेहा और कुल की रस्म के साथ हुआ समापन
उर्स के अंतिम दिन सुबह धरसु वाले बाबा की मजार पर फातेहा पढ़ी गई। खाद्य प्रसाद स्वरूप सूखे मेवों से सजी थालों को उपस्थित जायरीनों में बांटा गया। कुल की रस्म पूरी होने के बाद जायरीनों पर छिंटे दिए गए, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने अपने अपने दिल की मन्नतें मांगी और दुआएं कीं।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे जायरीन
इस वर्ष उर्स का माहौल और भी रंगीन रहा क्योंकि चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जयपुर, रुड़की और कलीयर से बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पर पहुंचे। इन आगंतुकों का तबर्रूक, दस्तारबंदी और विशेष इस्तकबाल के साथ स्वागत किया गया, जिससे उर्स की महफिल में अद्भुत विविधता और भाईचारे की झलक दिखी।
दरगाह कमेटी की सक्रिय मौजूदगी
आयोजन के दौरान खलील बुगाना, करीम पीरजी, अजीज पठान, शमीम पठान, रफीक पीरजी, परवेज पठान, मोसीम पठान, जावेद-वसीम पठान, पियूष, मुन्ना जयपुरी, मैनेजर सिराज और कल्लू पीरजी सहित कई खिदमतगार सक्रिय भूमिका में रहे। आयोजन व्यवस्था, मेहमाननवाज़ी और भीड़ प्रबंधन के लिए सभी ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई।





