पिलानी:सूफी संत हजरत हाजिब शकरबार शाह पीर बाबा के सालाना उर्स का आगाज गुरूवार को रस्म ए गिलाफ से हुआ। दरगाह पर सुबह से ही जायरीनों का आना शुरू हो गया। देश भर से जायरीन मन्नत लेकर नरहड़ पहुँच रहे हैं। नरहड़ पीर बाबा के इस 757वें उर्स को लेकर खादिमों व जायरीनों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। मन्नत पूरी होने पर ढोल-नगाड़ों की धुन के साथ चादर चढ़ाई जा रही है।
गुरूवार को असर कि नमाज के बाद कुरानख्वानी कि फातेहा हुई, जिसमें देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ की गई।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के ठाणे से पंच निर्मोही अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्रीमहंत श्री काशीनाथ दास महाराज ने भी दरगाह में जियारत की। खादिम अमजद पठान ने उन्हें जियारत करवाई।
दरगाह परिसर में बाहर से आए कव्वालों ने आया तेरे दर पर दिवाना व तेरे करम ने पुकारा मैं आ गया हाजिब आदि कव्वालियों की प्रस्तुति दी।

दरगाह सेवा फाउंडेशन का लंगर कल
हजरत हाजिब शकरबार बाबा नरहङ दरगाह सेवा फाउंडेशन कि तरफ से यहां आने वाले जायरीनों के लिए दरगाह परिसर में लंगर की व्यवस्था कि गई है। फाउंडेशन निदेशक व खादिम शाहिद पठान ने बताया कि जायरीनों के लिए भोजन व पानी के साथ चिकित्सा के भी माकूल इंतजामात किए गए हैं।

प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पिलानी सीआई चन्द्रभान चौधरी उर्स की व्यवस्थाओं की खुद निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन कि तरफ से बेरीकेड्स लगाकर यातायात की व्यवस्था की गई है साथ ही यहां आने वाले वाहनों के लिए अस्थाई पार्किंग भी बनाई गई है।
कुल के छींटों की रस्म असर के बाद होगी अदा
शुक्रवार को असर की नमाज के बाद कुल के छींटों कि रस्म खादिमों द्वारा सभी जायरीनों को कुल के छींटे लगाकर अदा की जायेगी। धरसू वाले बाबा के उर्स में फातेहा व कुल के छींटे शनिवार को सुबह 11बजे होंगे।





