कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा बुधवार को आहूत किए गए 12 घंटे के बंगाल बंद को लेकर राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ममता सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में कोई बंद नहीं होगा और सामान्य जीवन को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
राज्य सचिवालय नबन्ना ने सरकारी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहें। यह भी कहा गया है कि यदि कोई बंद के दौरान कार्यस्थल पर नहीं पहुंचता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
ममता सरकार ने दी मुआवजे की गारंटी
सरकार ने सभी दुकानों और बाजारों को खुला रखने का आदेश दिया है, खासकर उन जगहों पर जहां पूजा से संबंधित सामग्री की बिक्री हो रही है। ममता सरकार ने निजी परिवहन संगठनों को भी निर्देश दिया है कि वे यातायात सामान्य बनाए रखें। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि यदि बंद के दौरान कोई संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसका मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी सामान्य यातायात में बाधा डालने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल बंद की कोशिश अस्वीकार्य: ममता सरकार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सलाहकार अलापन बनर्जी ने बंगाल बंद के विरोध में कहा कि आरजी कर अस्पताल में हुई घटना और उसके बाद उठे आंदोलन के मद्देनजर न्याय की मांग करना जरूरी है, लेकिन इस बंद से राज्य को रोकने की कोशिश को पूरी तरह अस्वीकार्य माना जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी पढ़ाई में व्यस्त हैं, परीक्षा चल रही है, और शरदोत्सव की बिक्री भी शुरू हो चुकी है।
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भाजपा ने की बंद की घोषणा
नबन्ना अभियान के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने बुधवार को 12 घंटे के बंगाल बंद की घोषणा की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि छात्र समुदाय द्वारा नबन्ना अभियान में पुलिस की बर्बरता के खिलाफ यह बंद बुलाया गया है। हालांकि, इस घोषणा के कुछ ही समय बाद ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार इस बंद को सफल नहीं होने देगी।
अलापन बनर्जी की अपील: बंद में भाग न लें
अलापन बनर्जी ने राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और पेशेवरों से अपील की है कि वे इस बंद में भाग न लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी आपातकालीन सेवाओं को सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे इस बंद में शामिल न हों और अपने कार्यस्थल पर सामान्य रूप से उपस्थित रहें।
टीएमसी नेता कुणाल घोष का बयान
टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नबन्ना अभियान में शामिल लोग छात्र नहीं थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई में संयम दिखाया और केवल आवश्यक बल का प्रयोग किया गया। घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा बुलाया गया बंद फ्लॉप साबित होगा और इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।





