चिड़ावा-लोहारू बाईपास लक्ष्मी कॉलोनी के निवासियों ने पिलानी नगरपालिका ईओ प्रियंका चौधरी के आश्वासन के बाद मतदान बहिष्कार का अपना निर्णय वापस ले लिया है।
ईओ प्रियंका चौधरी ने आज लक्ष्मी कॉलोनी में धरनास्थल पर पहुंच कर 2 दिन से धरने पर बैठे लोगों से वार्ता की और उनसे मतदान बहिष्कार का निर्णय वापस लेने का आग्रह किया। कॉलोनी के लोगों ने उन्हें बताया कि बीते 5 वर्षों से वे मूलभूत नागरिक सुविधाओं से वंचित कर दिए गए हैं। कॉलोनी के लोगों को 2019 नगरपालिका चुनाव के बाद से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण, राशन कार्ड सहित नगरपालिका से सम्बन्धित अन्य सभी कामों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अलग-अलग स्तर पर दर्जनों बार इस मुद्दे को जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
नगरपालिका पार्षद राजकुमार नायक की मध्यस्थता के बाद धरने पर बैठे लोगों से वार्ता के लिए पहुंची ईओ प्रियंका चौधरी ने आश्वासन दिया कि अगले 7 दिन में मूलभूत सेवाएं कॉलोनी के लोगों को नगरपालिका की ओर से प्रदान की जाएंगी। साथ ही बाईपास स्थित लक्ष्मी कॉलोनी, महादेव नगर, नट बस्ती, महावीर नगर, साईं कॉलोनी, लक्ष्मण विहार कॉलोनी, श्रवण कॉलोनी आदि कॉलोनियों को वापस नगरपालिका से जोड़ने के लिए स्वायत्त शासन विभाग को लिखा जाएगा।
कॉलोनी के लोगों ने ईओ प्रियंका चौधरी के आश्वासन के बाद मतदान बहिष्कार का अपना निर्णय वापस ले लिया। हालांकि धरने पर बैठे लोगों ने यह चेतावनी भी दी है कि 7 दिन बाद अगर आवश्यक सेवाएं नगरपालिका प्रशासन द्वारा नहीं शुरू की जाती हैं तो फिर कॉलोनीवासी नगरपालिका के सामने अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
वार्ता में ये हुए शामिल
मतदान बहिष्कार वापस लेने के लिए हुई वार्ता में ईओ प्रियंका चौधरी, पार्षद राजकुमार नायक, जेईएन प्रदीप कुमार सहित कॉलोनी के दिलीप सिंह बागड़ी, बलबीर बांगड़वा, पोकरमल सैनी, नागरमल सैनी, नरेश पारीक, पप्पू जैदीया, अनिल सारवान, राहुल जांगिड़, बाबूलाल आलड़िया, धर्मेंद्र कौशिक, कुणाल कौशिक, लक्ष्मण भाटी, राजेंद्र नायक, लालचंद जांगिड़, जुगलाल आलड़िया, बजरंग लाल पंवार, कश्मीरा नट, नाथू नट, नरपत नट, हिरपत नट आदि शामिल हुए।







