चिड़ावा: निकटवर्ती पंचायत अडूका स्थित त्रीमूर्ति इंदोखली धाम के संस्थापक और संरक्षक बाबा मालदास महाराज का 4 अक्टूबर को 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि बाबा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। जैसे ही उनके परलोक गमन की खबर फैली, पूरे चिड़ावा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
चार दशक पहले बनाया था त्रीमूर्ति इंदोखली धाम मंदिर
वार्ड नंबर 11, चिड़ावा के निवासी बाबा मालदास महाराज ने लगभग 40 वर्ष पूर्व अडूका पंचायत में त्रीमूर्ति इंदोखली धाम मंदिर का निर्माण करवाया था। मंदिर निर्माण के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग कर स्वयं को सेवा, भक्ति और समाज कल्याण के कार्यों में समर्पित कर दिया था। धाम को क्षेत्र में आस्था का केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
गाजे-बाजे के साथ निकाली गई बैकुंठी, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

बाबा मालदास महाराज के परलोक गमन की सूचना मिलते ही अनुयायी धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जयघोषों के साथ बाबा की बैकुंठी यात्रा निकाली। क्षेत्र के ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और भक्तों ने नम आंखों से अपने गुरु को अंतिम विदाई दी।
त्रीमूर्ति इंदोखली धाम बना श्रद्धा का प्रतीक
बाबा मालदास महाराज ने अपने जीवनकाल में समाज सेवा और धार्मिक जागरण को समर्पित किया। उन्होंने गरीबों की सहायता, वृक्षारोपण, भंडारा आयोजन और धार्मिक अनुष्ठानों से समाज में सद्भावना का संदेश दिया। आज त्रीमूर्ति इंदोखली धाम उनके कार्यों की जीवंत पहचान बन चुका है।





