झुंझुनू: विश्वकर्मा मंदिर में रविवार को धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर हिंदी सुंदरकांड का 103वां पाठ श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। रामभक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे मंदिर परिसर पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर नजर आया।
स्थापना दिवस पर भक्ति और परंपरा का संगम
अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के स्थापना दिवस को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित इस सुंदरकांड पाठ का आयोजन सियाराम प्रभु के आशीर्वाद और बालाजी महाराज की कृपा से किया गया। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक चेतना के साथ समाज में संस्कार, सद्भाव और संगठनात्मक एकता को मजबूत करना रहा।
महिलाओं की सक्रिय सहभागिता, पुरुषों का सहयोग
सुंदरकांड पाठ के दौरान महिलाओं ने विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई, जिससे पूरे आयोजन में भक्ति और उल्लास का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वहीं पुरुष सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं और संचालन में सक्रिय सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंदिर परिसर में बना आध्यात्मिक वातावरण
पूरे आयोजन के दौरान विश्वकर्मा मंदिर परिसर राम नाम के संकीर्तन और सुंदरकांड की चौपाइयों से गूंजता रहा। भक्तों की उपस्थिति और सामूहिक पाठ ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
समाज की महिला संयोजिकाओं और सदस्यों की उपस्थिति रही उल्लेखनीय
कार्यक्रम में ग्रुप संयोजिका सुधा सिद्धड की सक्रिय भूमिका रही, जबकि सुनीता जांगिड़, मंजू वर्मा, सरोज जांगिड़, मनीष जांगिड़, पूनम शर्मा, विजय लक्ष्मी, सुधा जांगिड़, सुमन सोनी, पूनम नुनिया, सुनीता शर्मा, चंद्र और नेहा सैनी सहित अनेक श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।
भविष्य में भी धार्मिक-सामाजिक आयोजनों का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के निरंतर आयोजन का संकल्प दोहराया। श्रद्धालुओं ने आयोजन को प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।





