झुंझुनू: साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए जिले की पुलिस ने बुहाना, मण्डावा और कोतवाली थानों की संयुक्त कार्यवाही में पांच संदिग्ध बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में टीमों ने साइबर पुलिस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच कर आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार युवाओं से पूछताछ जारी है और पुलिस ने आगे और नाम सामने आने की संभावना जताई है।
बुहाना थाना – संदिग्ध खाताधारक गिरफ्तार

बुहाना थाना प्रभारी बिमला बुडानिया के नेतृत्व में बनी टीम ने साइबर शिकायतों की जांच के दौरान घसेड़ा निवासी 26 वर्षीय सोमपाल पुत्र सुभाषचंद को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी उस समय की गई जब पुलिस को उसके बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन के बारे में इनपुट मिला। आरोपी के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई और उससे साइबर ठगी शिकायतों को लेकर विस्तृत पूछताछ जारी है। कार्रवाई में संजय कुमार, हंसराज, सोमवीर और धर्मवीर शामिल रहे।
मण्डावा थाना – दो खाताधारक हिरासत में, गोदू का बास और गोविंदपुरा के युवक दबोचे गए

मण्डावा थाना क्षेत्र में साइबर अपराध विरोधी कार्रवाई तेज़ करते हुए टीम ने दो संदिग्ध खाताधारकों को पकड़ा। गोदू का बास निवासी 48 वर्षीय राकेश कुमार और गोविंदपुरा निवासी 24 वर्षीय सचिन को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। दोनों के खातों में साइबर शिकायतों से जुड़े लेन-देन पाए जाने पर कार्रवाई हुई। मण्डावा पुलिस टीम में रामनारायण चोयल के साथ महेंद्र, मुकेश, संदीप और सुरेंद्र शामिल थे जिन्होंने गहन जांच में मुख्य भूमिका निभाई।
कोतवाली थाना – दो संदिग्ध आरोपी गिरफ्तार, बाडेट और वाहिदपुरा निवासी युवक हिरासत में

कोतवाली थाना झुंझुनू में श्रवण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो युवकों को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के आधार पर पकड़ा। बाडेट निवासी 23 वर्षीय विकास कुमार और वाहिदपुरा निवासी 29 वर्षीय प्रियांशु को पुलिस ने हिरासत में लिया। साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर बैंक खातों की निगरानी की जा रही थी, जिसके बाद गिरफ्तारी की गई। दोनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और पुलिस ने कई और लिंक उजागर होने की संभावना जताई। कार्रवाई में नरेंद्र सिंह, संदीप, पुरुषोत्तम, प्रदीप और योगेंद्र शामिल रहे।
साइबर अपराधियों पर जिला पुलिस सख्त
पुलिस की मानें तो साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क फर्जी या किराए पर लिए गए बैंक खातों का उपयोग करता है। ऐसे मामलों में आरोपी स्वयं की बजाय खाते के माध्यम से धन ट्रांसफर कराते हैं और आगे निकाल लेते हैं, जिससे वास्तविक ठग तक पहुंचना कठिन हो जाता है। झुंझुनू पुलिस ने कहा कि आगे इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई अभियान रूप में जारी रहेगी।





