महाराष्ट्र:16 जनवरी 2026 को घोषित हुए बीएमसी समेत महाराष्ट्र की महानगर पालिकाओं के चुनाव परिणामों ने सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल दी। भाजपा गठबंधन ने मुंबई सहित कई अहम नगर निगमों में शानदार जीत दर्ज की। वहीं, राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को इन चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। जिन सीटों पर मनसे को मजबूत माना जा रहा था, वहां भी नतीजे पार्टी के पक्ष में नहीं गए।
रसमलाई कैसे बनी सियासी ट्रेंड?
इस पूरे मामले की जड़ चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया एक बयान है। जब तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई मुंबई में प्रचार के लिए पहुंचे थे, तब राज ठाकरे ने एक जनसभा में तंज कसते हुए कहा था कि बीजेपी अब बाहर से ‘रसमलाई’ बुला रही है। इस बयान को दक्षिण भारतीय नेता पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया और यह उसी समय सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया था।
नतीजों के बाद BJP का पलटवार और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़
चुनावी नतीजे सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने इस पुराने बयान को पलटवार के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। बीजेपी ओडिशा और सांसद पी.सी. मोहन ने एक्स पर रसमलाई की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि कुछ रसमलाई ऑर्डर की हैं। इसके बाद #Rasmalai और #Annamalai हैशटैग ट्रेंड में आ गए और यूजर्स ने मीम्स, कटाक्ष और पोस्ट की झड़ी लगा दी।
जहां अन्नामलाई गए, वहां BJP की जीत
दिलचस्प बात यह रही कि जिन इलाकों में अन्नामलाई ने चुनावी सभाएं की थीं, वहां भाजपा को निर्णायक बढ़त मिली। इसे लेकर सोशल मीडिया पर यह संदेश फैल गया कि जिस ‘रसमलाई’ का मजाक उड़ाया गया था, वही अब जीत की मिठास बन गई है। यही वजह है कि यह शब्द राजनीतिक व्यंग्य का प्रतीक बनकर ट्रेंड करने लगा।

हरियाणा की जलेबी के बाद महाराष्ट्र की रसमलाई
राजनीति में प्रतीकों का इस्तेमाल नया नहीं है। हरियाणा चुनावों में जलेबी के मीम्स के बाद अब महाराष्ट्र निकाय चुनावों में रसमलाई चर्चा का केंद्र बन गई है। यह ट्रेंड दिखाता है कि चुनावी बयान किस तरह नतीजों के बाद सोशल मीडिया हथियार बन जाते हैं और हार-जीत को व्यंग्य के साथ पेश किया जाता है।





