सुलताना: कस्बे में गुरुवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद नोटिस अवधि पूरी होने पर शुरू हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचाई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस थानों से भारी पुलिस जाब्ता बुलाया गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर एक्शन मोड में प्रशासन
झुंझुनूं प्रशासन ने सुलताना में अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जो राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालना में की जा रही है। प्रशासन ने पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए थे, जिनकी अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर चिन्हित कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
मौके पर 10 थानों का पुलिस बल, सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त
सुलताना में चल रहे ऑपरेशन के दौरान स्थिति नियंत्रण में रहे, इसके लिए झुंझुनूं जिले के दस अलग-अलग थानों से पुलिस लाई गई। पुलिस जवानों की मौजूदगी के बीच कार्यवाही शांतिपूर्वक चलती रही। कुछ स्थानों पर विरोध की हल्की झलक देखने को मिली, लेकिन तैनात पुलिस ने स्थिति तुरंत संभाली।
100 से अधिक अवैध निर्माण चिन्हित, कच्चा-पक्का सब ढहा
चिड़ावा तहसील प्रशासन ने सुलताना में लगभग 100 से अधिक अवैध कब्जा स्थलों को चिह्नित किया है। कार्रवाई में पक्के निर्माण, कच्ची दीवारें, दुकानों के बाहर किए गए विस्तार सहित हर प्रकार के अनधिकृत ढांचे गिराए जा गए हैं। बुलडोजर तड़के से ही सक्रिय रहा और मौके पर अफसर लगातार निगरानी करते रहे। खसरा नंबर 292 व 605 के चिन्हित अतिक्रमण हटाए गए। कुछ स्टे वाली जमीन पर कार्रवाई नहीं की गई।
कार्रवाई का नेतृत्व तहसीलदार रामकुमार पूनियां के हाथ में
पूरा ऑपरेशन चिड़ावा तहसीलदार रामकुमार पूनियां के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम लगातार दस्तावेज़ और सीमांकन की जांच करते हुए कब्जे हटवाती रही। प्रशासनिक अमले के साथ राजस्व टीम भी हर लोकेशन पर मौजूद रही।
भीड़ जुटी, लेकिन स्थिति शांत
सुलताना कस्बे में भारी संख्या में स्थानीय लोग कार्रवाई स्थल तक पहुंचे। आसपास के ग्रामीण और दुकानदारों की भीड़ इकट्ठा हुई, लेकिन माहौल शांत बना रहा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त रणनीति ने किसी संभावित तनाव को पनपने नहीं दिया।
अभियान जारी, और इलाकों में भी पड़ सकता है असर
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रह सकती। प्रशासन आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी अवैध कब्जों की जांच और कार्रवाई जारी रख सकता है।
लगातार निगरानी के चलते कई अतिक्रमणकारियों ने स्वयं भी निर्माण हटाना शुरू कर दिया है।





