झुंझुनूं: जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद को लेकर जिला रसद विभाग ने सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। भारत सरकार द्वारा इस सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सीधा लाभ मिलेगा। खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को भुगतान सीधे जनाधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाएगा।
जिला रसद अधिकारी निकिता राठौड़ ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस दर पर राज्य सरकार की अधिकृत क्रय एजेंसियों के माध्यम से किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को तय दर से पूरी राशि मिलेगी।
निकिता राठौड़ ने बताया कि खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाकर गेहूं बेचने वाले किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे जनाधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्रय एजेंसियों के माध्यम से की गई खरीद पर किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्य में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का कार्य 10 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक किया जाएगा। वहीं, गेहूं विक्रय के लिए किसानों को 1 फरवरी से 25 जून तक ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी गई है। पंजीकरण किसान स्वयं कर सकते हैं या फिर ई-मित्र केंद्रों सहित अन्य निर्धारित माध्यमों से भी आवेदन कर सकते हैं।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि गेहूं खरीद से जुड़ी पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित क्रय केंद्रों की सूची खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रय केंद्रों में यदि किसी प्रकार का संशोधन किया जाता है, तो उसकी सूचना भी समय-समय पर वेबसाइट के माध्यम से अपडेट की जाएगी, ताकि किसानों को सटीक जानकारी मिल सके।
निकिता राठौड़ ने जिले के किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं और समर्थन मूल्य योजना का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि समय पर पंजीकरण कराने से किसानों को गेहूं विक्रय और भुगतान दोनों ही प्रक्रियाओं में आसानी होगी।





