झुंझुनूं: राष्ट्रीय जाट महासंघ महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने तेजाजी बोर्ड को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष चौधरी के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में महिलाओं ने सरकार से अपील की कि वह समाज के उत्थान के लिए बनाए गए तेजाजी बोर्ड को शीघ्र प्रभाव से क्रियाशील करे।
रविवार को झुंझुनूं शहर के मंडावा मोड़ पर राष्ट्रीय जाट महासंघ महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष संतोष चौधरी के नेतृत्व में महिलाओं ने राजस्थान सरकार से तेजाजी बोर्ड का संचालन शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने जाट समाज के उत्थान के उद्देश्य से तेजाजी बोर्ड की घोषणा की थी, लेकिन अब तक बोर्ड का संचालन शुरू नहीं किया गया है।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रकला चौधरी और ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष सुभिता पूनियां ने कहा कि तेजाजी बोर्ड का गठन जाट समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उन्नति के लिए एक सकारात्मक कदम था, लेकिन अब तक बोर्ड धरातल पर सक्रिय नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेजाजी बोर्ड को जल्द से जल्द शुरू कर विशेष बजट आवंटित किया जाए, ताकि समाज के विकास की दिशा में ठोस कार्य हो सके।
महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शरबती कस्वां, जिला महासचिव रितू गढ़वाल और जिला सचिव विमला नूनियां ने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने तेजाजी बोर्ड का संचालन शुरू नहीं किया, तो महिला मोर्चा राज्यव्यापी आंदोलन की राह पर चलेगा। उन्होंने बताया कि जाट समाज वर्षों से शिक्षा और रोजगार में समान अवसरों की मांग कर रहा है, और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
इस प्रदर्शन में ब्लॉक प्रभारी मनिषा बुडानिया, ब्लॉक उपाध्यक्ष अनिला राहड़, उपाध्यक्ष शारदा देवी, सरोज बिजारणियां, मंजू देवी, मुकेश देवी, विमला खीचड़, प्रीति पूनियां और मुकेश पूनियां सहित अनेक महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने एकस्वर में तेजाजी बोर्ड को तत्काल शुरू करने की मांग की और कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब सरकार अपने वादों को धरातल पर उतारे।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने समाज में शिक्षा, समानता और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तेजाजी बोर्ड का संचालन शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।





