झुंझुनूं: जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक साथ तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था पर सख्ती का संदेश दिया है। आर्म्स एक्ट, अवैध हथियार रखने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह रही कि 3 महीने से फरार चल रहा वांछित आरोपी भी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।
खेतड़ी थाना: 3 महीने से फरार सोमदत्त गिरफ्तार, 28 जिंदा कारतूस मामले में था फरार आरोपी
खेतड़ी थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सोमदत्त पुत्र हजारीलाल निवासी खरौली, जिला महेंद्रगढ़ (हरियाणा) को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह आरोपी पिछले तीन महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था।

मामले की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान हिस्ट्रीशीटर सुनील उर्फ अनिल के घर तलाशी ली थी। इस दौरान 28 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे और मौके से विक्रम गुर्जर पुत्र बन्नाराम निवासी लगरिया की ढाणी, चिरानी को गिरफ्तार किया गया था।

बाद में पूछताछ में सामने आया कि ये कारतूस सोमदत्त से लिए गए थे, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार उसे पकड़ लिया।
बुहाना थाना: पहाड़ियों में घूम रहा था हथियार लेकर, अवैध 12 बोर बंदूक और कारतूस बरामद, आरोपी गिरफ्तार
बुहाना थाना पुलिस ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए करण सिंह पुत्र बनवारी लाल निवासी कुहाड़वास को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एक अवैध 12 बोर सिंगल बैरल बंदूक, 6 जिंदा कारतूस और 7 खाली कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति हथियार लेकर पहाड़ियों की ओर जा रहा है। मौके पर पहुंची टीम ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसने हथियार के लाइसेंस के बारे में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

करण सिंह के खिलाफ पहले भी मारपीट और रास्ता रोकने जैसे मामले दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है।
खेतड़ीनगर थाना: हत्या के प्रयास में दो आरोपी गिरफ्तार
खेतड़ीनगर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में दो वांछित आरोपियों नितिन पुत्र अंतराम गुर्जर और अमर सिंह पुत्र झालाराम गुर्जर, दोनों निवासी तातीजा को गिरफ्तार किया।

यह मामला 17 जनवरी 2026 का है, जब महेश पुत्र जगमाल निवासी तातीजा ने रिपोर्ट दी थी कि कई लोग गाड़ियों में सवार होकर आए और लाठी-डंडों व सरियों से हमला किया। इस दौरान हंसराज के गले से चांदी की चेन और करीब 4500 रुपये भी लूट लिए गए थे।

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार दबिश के बाद दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस की रणनीति: मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
इन तीनों मामलों में पुलिस ने मुखबिर सूचना, एरिया डोमिनेशन अभियान और तकनीकी विश्लेषण का प्रभावी उपयोग किया। लगातार दबिश और संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी के चलते फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और संबंधित वृत अधिकारियों के सुपरविजन में की गई।




