चिड़ावा: वीरों की धरती झुंझुनूं ने एक और सपूत खो दिया है। मालीगांव निवासी व भारतीय सेना में तैनात 42 वर्षीय वीर जवान विरेन्द्र सिंह पुत्र स्वर्गीय रामचन्द्र का ब्रेन हेमरेज से बुधवार देर रात निधन हो गया।
विरेंद्र सिंह ने वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा की राह चुनी थी। वर्तमान में वे 322 वायु रक्षा रेजिमेंट, भटिंडा में नायक (गनर) पद पर सेवा दे रहे थे।
जानकारी के अनुसार 27 नवंबर को भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए वे 15 नवंबर को छुट्टी लेकर घर आए थे। 2 दिसंबर को वे झुंझुनूं में किराए के आवास में अपनी माता बनारसी देवी, पत्नी अनीता देवी और पुत्र लक्की के साथ थे। इसी दौरान अचानक विरेंद्र की तबीयत बिगड़ी, जी घबराने पर वे बाथरूम में गए जहां बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों द्वारा तुरंत उन्हें जयपुर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने बुधवार देर रात अंतिम सांस ली।
1983 में जन्मे विरेन्द्र पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। विरेंद्र अपने पीछे 73 वर्षीय मां बनारसी देवी, पत्नी अनीता देवी और 17 वर्षीय पुत्र लक्की को छोड़ गए हैं। अनीता देवी गृहिणी हैं और लक्की झुंझुनूं में ही मेडिकल की तैयारी कर रहा है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी झुंझुनूं जिला संयोजक दिनेश सहारण ने बताया कि विरेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए बगड़ से मालीगांव तक शुक्रवार सुबह 9:30 बजे तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद उनके पैतृक गांव मालीगांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
(समाचार झुंझुनूं 24 वीर सपूत विरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।)




