झुंझुनूं, 30 दिसंबर: झुंझुनूं जिले के लिए खेल जगत से गर्व की खबर सामने आई है। श्रीगंगानगर में आयोजित 15वीं राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2025-26 में खेतड़ी तहसील के सुनारी गांव निवासी सुरेश कुमार चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के साथ ही सुरेश कुमार ने राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जिससे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
श्रीगंगानगर में चार दिन चला राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स महाकुंभ
27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक श्रीगंगानगर में आयोजित इस राज्य स्तरीय चैंपियनशिप का आयोजन सत्र 2025-26 के तहत किया गया था। प्रतियोगिता में राजस्थान के विभिन्न जिलों से पैरा एथलीट्स ने भाग लिया और कड़े मुकाबले देखने को मिले। इस दौरान झुंझुनूं जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे सुरेश कुमार चौधरी ने एफ-54, एफ-55 और एफ-57 संयुक्त श्रेणी में दमदार खेल दिखाया।
व्यक्तिगत श्रेणी में पहला स्थान, संयुक्त अंकों में सिल्वर मेडल
प्रतियोगिता में सुरेश कुमार चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन संयुक्त श्रेणी के कंबाइंड पॉइंट्स के आधार पर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में चर्चा का विषय बना रहा और विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक व निरंतरता की सराहना की।

कलेक्टर ने पहनाया मेडल, नेशनल के लिए दी शुभकामनाएं
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर झुंझुनूं जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने सुरेश कुमार चौधरी को मेडल पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने उन्हें आगामी नेशनल पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इसके साथ ही भू-अभिलेख कलेक्ट्रेट कार्यालय झुंझुनूं में भी उनका अभिनंदन किया गया, जहां वे कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं।
स्वर्ण जयंती स्टेडियम में कोच विशाल कुमार शर्मा के साथ कर रहे हैं तैयारी
सुरेश कुमार चौधरी वर्तमान में स्वर्ण जयंती स्टेडियम, झुंझुनूं में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें कोच विशाल कुमार शर्मा का मार्गदर्शन मिल रहा है, जिनकी देखरेख में वे तकनीकी और शारीरिक रूप से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। नेशनल प्रतियोगिता को लेकर उनका प्रशिक्षण और भी तीव्र कर दिया गया है।
“ऑफिस के सहयोग से ही संभव हो पाया यह पदक” – सुरेश कुमार
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि उनके कार्यालय से खेलों के प्रति उन्हें निरंतर सहयोग मिलता रहा है। इसी सहयोग और सकारात्मक वातावरण के कारण वे इस मुकाम तक पहुंच पाए और राज्य स्तर पर पदक जीतने में सफल रहे।





