Wednesday, February 11, 2026
Homeझुन्झुनूझुंझुनूं के एक ही परिवार से 5 डॉक्टर बने, सुनीता बैसला ने...

झुंझुनूं के एक ही परिवार से 5 डॉक्टर बने, सुनीता बैसला ने किया सम्मान, शेखावटी में बना शिक्षा का नया इतिहास

झुंझुनूं: जिले की शेखावटी धरती से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां खेतड़ी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव के एक ही परिवार के 5 भाई-बहनों ने डॉक्टर बनकर पूरे समाज को गर्व महसूस कराया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुनीता बैसला ने सभी डॉक्टरों का सम्मान कर युवाओं को शिक्षा और परिश्रम का संदेश दिया।

झुंझुनूं में शिक्षा की मिसाल, एक ही परिवार से 5 डॉक्टर बने

राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र के झुंझुनूं जिले के प्रतापपुरा गांव की ढाणी नया कुआं में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब एक ही परिवार के 5 भाई-बहनों के डॉक्टर बनने की उपलब्धि पर विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर यह उपलब्धि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

सुनीता बैसला ने किया सम्मान, गांव में जश्न का माहौल

कार्यक्रम के दौरान सुनीता बैसला ने भूराराम चंदेला के निवास पर पहुंचकर डॉक्टर नीरू गुर्जर, डॉक्टर निशा गुर्जर, डॉक्टर मोनिका गुर्जर, डॉक्टर अनोज और डॉक्टर अजय को दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के समय परिवार के सदस्य, ग्रामीण और क्षेत्र के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे और पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला।

शिक्षा से बदली तकदीर, समाज के लिए प्रेरणा बने 5 भाई-बहन

अपने संबोधन में सुनीता बैसला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर एक ही परिवार के 5 बच्चों का डॉक्टर बनना समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब गांव-गांव से बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बन रहे हैं, तो यह कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के उस सपने के साकार होने जैसा है, जिसमें समाज को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ते देखने की कल्पना की गई थी।

सम्मान समारोह में जुटे जिले के प्रमुख लोग

इस कार्यक्रम में डॉ. छोटेलाल गुर्जर, हजारी लाल गुर्जर, हरि सिंह चंदेला, बनवारी लाल चंदेला, प्रेमचंद चंदेला, रामेश्वर लाल खटाना और डॉ. रामकुमार सिराधना सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने परिवार को बधाई देते हुए इसे पूरे शेखावटी क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

युवाओं को संदेश – शिक्षा को बनाएं सबसे बड़ा हथियार

सुनीता बैसला ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार मानें और कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि यही रास्ता समाज और देश को आगे ले जाएगा

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!