झुंझुनूं: राजस्थान में संगठित अपराध पर सख्त प्रहार जारी है। एजीटीएफ जयपुर और झुंझुनू पुलिस ने शनिवार अलसुबह जिला भर में एक साथ 15 लोकेशन पर दबिश देकर अपराधियों का नेटवर्क झकझोर दिया। इस ऑपरेशन में एक देशी पिस्टल और कुल 31 जिंदा कारतूस जप्त किए गए, जबकि कुख्यात अपराधियों के घरों से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कई संदिग्धों से गहन पूछताछ चल रही है।
एजीटीएफ–जिला पुलिस की तड़के से ही कार्रवाई, 150 जवान व कमांडो शामिल
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स जयपुर तथा झुंझुनू पुलिस की संयुक्त टीमों ने सुबह चार बजे जिले के अलग-अलग इलाकों में एक ही समय पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कार्रवाई का नेतृत्व एम.एन. दिनेश ने किया, जबकि एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा, बृजेश ज्योति उपाध्याय, देवेन्द्र सिंह राजावत, रविन्द्र प्रताप, भंवरलाल, विकास धींधवाल और जुल्फीकार अली सहित कई अधिकारियों ने ऑपरेशन को कमांड किया। टीमों में सूरजगढ़, पिलानी, खेतड़ी, खेतड़ी नगर, मेहाड़ा और बबाई थानों का जाप्ता, एजीटीएफ के छह निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक और लगभग 150 पुलिसकर्मी तथा ईआरटी कमांडो शामिल रहे।
खेतड़ी क्षेत्र में हथियार बरामद, दो गिरफ्तार
खेतड़ी थाना इलाकों में की गई तलाशी में हार्डकोर अपराधियों से जुड़े घरों पर कई ठिकानों की छानबीन की गई। इसी दौरान चिरानी निवासी विक्रम गुर्जर से 28 जिंदा कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई। वहीं पपुरना क्षेत्र में की गई तलाशी के दौरान निखलेश से एक देशी पिस्टल और तीन गोलियां बरामद की गईं। दोनों को गिरफ्तार कर शस्त्र अधिनियम में केस दर्ज किया गया और उनसे पूछताछ जारी है।

सूरजगढ़ में सक्रिय अपराधियों के ठिकानों पर दबिश, संदिग्धों से पूछताछ
सूरजगढ़ थाना क्षेत्र में श्रवण भालोठिया और नितिन से जुड़े घरों पर जांच की गई। दबिश के दौरान श्रवण अपने घर पर मिला और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, जबकि नितिन मौके से अनुपस्थित था। श्रवण के घर मौजूद तीन अन्य व्यक्तियों को भी डिटेन कर जांच में शामिल किया गया है।
अभियान का मकसद – गिरोह और नेटवर्क की जड़ें उखाड़ना
पुलिस के अनुसार संगठित अपराध, जमीन विवाद, अवैध वसूली और हथियारों से जुड़े सक्रिय नेटवर्कों को तोड़ना इस अभियान का उद्देश्य है। आने वाले दिनों में कई और जिलों में इस तरह की कार्रवाई की तैयारी भी बताई जा रही है।





