चिड़ावा: थाना क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत चल रही कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना में बड़ी चोरी की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गांव पिचानवा से रात के अंधेरे में चोरी किए गए करीब 10 से 12 लाख रुपये मूल्य के 100 डीआई पाइप मामले में पुलिस ने 250 किलोमीटर तक सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
100 पाइप चोरी की घटना का पूरा मामला
दिनांक 19 दिसंबर 2025 को भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर विशाल चौधरी ने चिड़ावा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उनकी कंपनी एलएटी कंपनी के माध्यम से कुम्भाराम लिफ्ट योजना के अंतर्गत पिचानवा से किढवाना तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही थी। इसके तहत 18 दिसंबर को कंपनी स्टोर से 130 डीआई पाइप साइट पर उतारे गए थे, जिनमें से 30 पाइप गांव पिचानवा में उपयोग किए गए जबकि शेष 100 पाइप करीब 500 मीटर दूर खेत में रखे गए थे। अगले दिन सुबह जब मजदूर साइट पर पहुंचे तो सभी 100 पाइप गायब मिले।
CCTV, साइबर सेल और DST की मदद से खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए अज्ञात आरोपियों के आने-जाने का रूट चार्ट तैयार किया गया। पुलिस टीम ने करीब 250 किलोमीटर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर घटना में प्रयुक्त वाहनों की पहचान की गई और संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई।
3 आरोपी गिरफ्तार, वाहन भी जब्त
गहन जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने सुलतान पुत्र नादर शाह, निवासी बारोली थाना गोविन्दगढ, जिला अलवर, जाबिद पुत्र रूजदार निवासी नशोपुर, पुलिस थाना बगड़ तिराहा, जिला अलवर और शौकिन उर्फ सोहिल पुत्र कमरूदीन निवासी बारोली, थाना गोविन्दगढ, जिला अलवर को डिटेन कर पूछताछ की, जहां चोरी की वारदात में उनकी संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से जल जीवन मिशन के तहत कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना में उपयोग होने वाले सभी 100 डीआई पाइप बरामद किए। इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त एक i10 कार और टाटा 1916 ट्रक को भी जब्त किया गया।
पुलिस अधिकारियों की रणनीति लाई रंग
इस पूरे प्रकरण का त्वरित खुलासा झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और चिड़ावा वृत्ताधिकारी विकास धींधवाल के सुपरविजन में चिड़ावा थाना सीआई आशाराम गुर्जर, सुलताना थाना, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने समन्वय के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नकद इनाम और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
साइबर सेल की अहम भूमिका
इस केस में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल जितेन्द्र थाकन और चिड़ावा थाने के कांस्टेबल अमित सिहाग द्वारा सीसीटीवी एनालिसिस और तकनीकी जांच में अहम भूमिका निभाई गई, जिससे पूरे नेटवर्क को ट्रैक करना संभव हो सका।
आगे भी जारी रहेगा अनुसंधान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और इससे जुड़ी संभावित अन्य चोरी की घटनाओं को लेकर अनुसंधान जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।





