चिड़ावा: शहर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित विशाल पथ संचलन ने पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक अनुराग से भर दिया। डालमिया खेल मैदान से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से निकले इस अनुशासित संचलन में 1108 से अधिक स्वयंसेवकों ने गणवेश और घोष के साथ भागीदारी की। नगर भर में पुष्पवर्षा, स्वागत द्वार और जनउत्साह ने आयोजन को ऐतिहासिक और स्मरणीय बना दिया।
चिड़ावा के डालमिया खेल मैदान में शुरू हुए इस वार्षिक आयोजन का माहौल उत्साह और अनुशासन से भरा रहा। दोपहर 3:15 बजे ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और राष्ट्रगीत के स्वर से वातावरण गूंज गया।
गौ सेवा गतिविधि के प्रांत प्रमुख मोहन सिंह ने बौद्धिक प्रस्तुति का नेतृत्व किया। मोहन सिंह ने अपने संबोधन में संघ के सामाजिक उद्देश्य, संगठन की भूमिका और राष्ट्र निर्माण की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक पहचान और कुटुंब प्रबोधन जैसे पांच क्षेत्र समाज को सकारात्मक परिवर्तन की ओर ले जाते हैं।
कार्यक्रम की गरिमा मंच पर मौजूद संघ नेतृत्व से और बढ़ी। आयोजन का संचालन विभाग संघचालक अशोक सिंह ने किया, जबकि जिला संघचालक अनिल गुप्ता और जिला सह संघचालक संदीप शर्मा भी मौजूद रहे। सभी ने अनुशासन, सहभागिता और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के महत्त्व पर बल दिया।

शाम 4:15 बजे जब पथ संचलन प्रारंभ हुआ, तो चिड़ावा की सड़कों पर अद्भुत दृश्य दिखाई दिया।
स्वयंसेवक दण्ड धारण कर पंक्तिबद्ध रूप से झुंझुनूं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, लाल कोठी, ग्रेटर कृष्ण फार्म हाउस, चुंगी चौकी, कल्याण प्रभु मंदिर परिक्रमा, विवेकानंद चौक और कबूतर खाना मार्ग से होते हुए पुनः डालमिया खेल मैदान तक लौटे।
स्थानीय निवासियों ने संचलन के स्वागत में 45 से अधिक स्थानों पर सजावट और फूल वर्षा की। पूरे मार्ग में बच्चे, महिलाओं और बाजारों से जुड़े लोग हाथ जोड़कर संचलन का स्वागत करते दिखाई दिए। मार्ग के हर पड़ाव ने शहर में उत्सव जैसा रूप लिया।
पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यातायात और भीड़ प्रबंधन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और नागरिक स्वयंसेवकों ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। संघ की ओर से अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए चाय, पानी और अल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से चलता रहा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नगर चिड़ावा ने आयोजन में अपना योगदान देने वाले व्यापारियों, पुलिस, प्रशासनिक टीम और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया। संगठन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति को मजबूत करते हैं और समाज को संगठित रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।





