चिड़ावा: उपखंड में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। अभिभाषक संघ चिड़ावा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर उपखंड मुख्यालय पर अतिरिक्त एडीजे कोर्ट और एएसपी कार्यालय खोले जाने की घोषणा करने की अपील की है।
चिड़ावा उपखंड मुख्यालय पर पहले से एडीजे कोर्ट, एसीजेएम कोर्ट, एमजेएम कोर्ट और एसडीओ कोर्ट संचालित हो रहे हैं। यहां चिड़ावा, सुलताना और पिलानी से लेकर मंड्रेला और सूरजगढ़ सहित कई थाना क्षेत्र न्यायिक रूप से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से चिड़ावा झुंझुनूं जिले के बीच में एक प्रमुख न्यायिक केंद्र का स्वरूप ले चुका है।
हरियाणा सीमा से लगे क्षेत्र में अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। वकीलों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि बढ़ते अपराध और मुकदमों की संख्या के कारण यहां अतिरिक्त एडीजे कोर्ट और एएसपी कार्यालय की आवश्यकता अब अनिवार्य हो चुकी है। तेजी से निपटारे के लिए अतिरिक्त न्यायिक इकाई की स्थापना को समय की मांग बताया गया है।
चिड़ावा में कोर्ट बिल्डिंग और प्रशासनिक ढांचे के विस्तार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। स्थानीय अभिभाषकों के अनुसार यहां नगरपालिका, पंचायत समिति समेत सभी प्रमुख सरकारी विभाग पहले से संचालित हो रहे हैं, जिससे नए कार्यालयों के खुलने पर कोई व्यावहारिक अड़चन नहीं आएगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि अतिरिक्त अदालत खुलने से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। चिड़ावा, पिलानी, सूरजगढ़ और सुलताना थाना क्षेत्र के लोगों को जल्द न्याय मिलने का रास्ता खुल सकता है।
सह सचिव निहाल सिंह महरिया ने उम्मीद जताई कि सरकार चिड़ावा के विकास और न्यायिक संरचना की मांग को प्राथमिकता देगी।
अभिभाषक संघ ने आग्रह किया है कि राज्य बजट में चिड़ावा के लिए एडीजे कोर्ट और एएसपी कार्यालय की स्वीकृति की घोषणा की जाए, जिससे पूरे इलाके को न्यायिक और प्रशासनिक राहत मिल सके। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।





