झुंझुनूं: चिड़ावा, पिलानी और सूरजगढ़ क्षेत्र में बुधवार को उस समय कौतूहल और चर्चा का माहौल बन गया, जब सड़कों पर अचानक बड़ी संख्या में वर्दीधारी जवान, सायरन बजाते वाहन और सुरक्षा काफिले नजर आए। आम लोगों के मन में आशंका उठने लगी कि कहीं कोई बड़ी घटना, आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला तो नहीं हो गया। हालांकि कुछ समय बाद स्पष्ट हुआ कि यह कोई वास्तविक घटना नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार रेपिड एक्शन फोर्स (RAF) का आपदा एवं परिचय अभ्यास था।
RAF 83 बटालियन का जिला झुंझुनूं में व्यापक परिचय अभ्यास
जयपुर में तैनात रेपिड एक्शन फोर्स की 83 बटालियन, कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट जयसिंह के नेतृत्व में 10 से 14 फरवरी 2026 तक जिला झुंझुनूं के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में परिचय अभ्यास कर रही है। इस अभ्यास के तहत स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक परिस्थितियों जैसी रणनीतिक तैयारियों का परीक्षण किया जा रहा है।
पिलानी में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास
पिलानी थाना क्षेत्र में 83 बटालियन RAF की एक टुकड़ी ने थाना प्रभारी चन्द्रभान के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से परिचय अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपात प्रतिक्रिया तंत्र को परखा गया, जिससे दोनों बलों के बीच समन्वय और संचार को मजबूत किया जा सके।
चिड़ावा में RAF और पुलिस का समन्वित अभ्यास
चिड़ावा कस्बे में थानाधिकारी आशाराम गुर्जर के नेतृत्व में RAF की टुकड़ी के साथ परिचय अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान एसआई कैलाशचंद्र, एएसआई अनिल कुमार, एएसआई मनीष कुमार, आसूचना अधिकारी महेंद्र यादव और कॉन्स्टेबल सुनील सहित पुलिस बल के अन्य जवान मौजूद रहे। अभ्यास का मुख्य फोकस आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय और फील्ड-लेवल कोऑर्डिनेशन रहा।
सूरजगढ़ में सायरन बजाते वाहनों से मचा कौतूहल
सूरजगढ़ कस्बे में भी अचानक बड़ी संख्या में वर्दीधारी जवानों और सायरन बजाते वाहनों की आवाज से लोग चौंक गए। बाद में जानकारी सामने आई कि डिप्टी ट्रेनी दौलतराम के नेतृत्व में RAF 83 बटालियन की टुकड़ी ने सूरजगढ़ थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त परिचय अभ्यास किया। इस अभ्यास के जरिए दंगा नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई की रणनीतियों को व्यवहारिक रूप से परखा गया।
आपदा, दंगा और साम्प्रदायिक तनाव से निपटने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, यह परिचय अभ्यास भविष्य में किसी भी आपात स्थिति, साम्प्रदायिक तनाव, दंगा अथवा प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षा बलों की तत्परता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इससे स्थानीय पुलिस और RAF के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और संकट की घड़ी में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।





