चिड़ावा: कस्बे में एक बार फिर ईमानदारी की अनोखी मिसाल देखने को मिली। सुरेश कुमार ने डॉक्यूमेंट्स और नकदी से भरा पर्स उसके असली मालिक अंकित कुमार को लौटाकर न सिर्फ राहत दी बल्कि समाज में नैतिकता और मानवता का संदेश भी दिया।
चिड़ावा के कबूतर खाना स्थित राजकीय उप जिला अस्पताल के पास सुरेश कुमार को एक पर्स मिला। जब उन्होंने पर्स खोला तो उसमें अंकित कुमार, पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी लॉयल के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और लगभग ₹400 नकद रखे थे।
सुरेश ने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी और खोजबीन कर अंकित कुमार तक पर्स पहुंचाने का बीड़ा उठाया।
जानकारी मिलने पर अंकित कुमार, वार्ड 28 के पार्षद गंगाधर सैनी की दुकान पर पहुंचे। वहां सुरेश ने उन्हें पर्स वापस सौंप दिया। अपना खोया हुआ पर्स और जरूरी दस्तावेज़ पाकर अंकित ने राहत की सांस ली और सुरेश का धन्यवाद किया।
यह पहली बार नहीं है जब सुरेश ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया हो। कुछ दिन पहले भी उन्होंने इसी तरह एक खोई हुई वस्तु लौटाकर इंसानियत और नेकनीयती की अनूठी मिसाल पेश की थी, जिसकी खूब सराहना हुई थी।
सुरेश कुमार की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी ईमानदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा सबक है और यह घटना समाज में विश्वास और नैतिकता को मजबूत करती है।





