चिड़ावा: क्षेत्र में आस्था और जनसहयोग की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी शीशराम हलवाई ने क्यामसर स्थित तेजाजी मंदिर के निर्माण कार्य के लिए 51 हजार रुपये नकद और निर्माण सामग्री देने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल देखने को मिला। जनसहयोग से बन रहे 165 फीट ऊंचे शिखर वाले भारत के सबसे बड़े तेजाजी मंदिर को लेकर स्थानीय समाज और संगठनों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।
चिड़ावा के क्यामसर क्षेत्र में निर्माणाधीन तेजाजी मंदिर के लिए समाजसेवी शीशराम हलवाई द्वारा की गई आर्थिक सहायता की घोषणा को मंदिर निर्माण समिति और स्थानीय लोगों ने सराहा। 51 हजार रुपये नकद और निर्माण सामग्री देने की घोषणा के बाद उनका साफा और फूल माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
शीशराम हलवाई के सम्मान समारोह में राष्ट्रीय जाट महासंघ के जिला संगठन महामंत्री कंवरपाल बलवदा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामनिवास थाकन, महासचिव जयसिंह बराला और युवा तेजा सेना चिड़ावा ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम लाम्बा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने इस सहयोग को तेजाजी मंदिर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र क्यामसरिया ने बताया कि क्यामसर में जनसहयोग से बन रहा तेजाजी मंदिर 165 फीट ऊंचे भव्य शिखर के साथ भारत का सबसे बड़ा तेजाजी मंदिर होगा। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा लगातार सहयोग किया जा रहा है, जिससे मंदिर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
तेजाजी मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जनभागीदारी का प्रतीक बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और संगठनों के सहयोग से यह मंदिर आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में उभरेगा।





