चिड़ावा: शहर के राजकला उच्च माध्यमिक विद्यालय में साइबर अपराध विषय पर एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के उपाय सिखाना रहा।
शिविर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहनलाल बेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ साइबर अपराध के मामलों में भी खतरनाक बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनजाने लिंक पर क्लिक करना, कमजोर पासवर्ड का उपयोग और निजी जानकारी साझा करना अपराधियों को मौका देता है।
मोहनलाल बेदी ने बताया कि साइबर अपराध के कारण न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी की चोरी और मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने छात्रों को सतर्क रहने और हर डिजिटल गतिविधि में सावधानी बरतने की सलाह दी।
शिविर में विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध वेबसाइटों से दूर रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अभिभावकों या संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। इस मौके पर एडवोकेट अभिषेक महमिया, रोबिन शर्मा, करणी सिंह शेखावत, बंटी कुमारी और विद्यालय के प्राचार्य मुरारीलाल वालिया सहित स्कूल की अध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविर बच्चों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करते हैं और उन्हें साइबर अपराध से बचने के लिए सक्षम बनाते हैं। वर्तमान समय में जब हर व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ा हुआ है, ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।





