चिड़ावा: उपजिला अस्पताल चिड़ावा में बीसीएमओ कार्यालय कर्मचारी और नर्सिंग स्टाफ के बीच हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बीसीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों ने राजेन्द्र सिंह ढाका के खिलाफ हुई एकतरफा कार्रवाई और बीसीएमओ डॉ. तेजपाल कटेवा के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी डॉ नरेश सोनी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि 29 सितंबर 2025 की सुबह करीब 11 बजे एसटीए स्टोर प्रभारी राजेन्द्र सिंह ढाका अपने कार्यालय में कार्य कर रहे थे। तभी नर्सिंग अधिकारी महेश गजराज बिना किसी अनुमति आदेश के स्टोर कक्ष में घुस आए और कुर्सी लेने के बहाने विवाद खड़ा कर दिया। आरोप है कि इस दौरान महेश गजराज ने राजेन्द्र सिंह ढाका से मारपीट की, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं और सरकारी कार्य बाधित हुआ।
इसके बाद राजेन्द्र सिंह ढाका उपचार के लिए उपजिला अस्पताल के कक्ष संख्या 22 में पहुंचे। इसी दौरान बीसीएमओ डॉ. तेजपाल कटेवा अपने कर्मचारी की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने उनके साथ अभद्र टिप्पणियां और दुर्व्यवहार किया।
बीसीएमओ कार्यालय में हंगामे के आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि करीब आधे घंटे बाद उपजिला अस्पताल के पीएमओ और नर्सिंग स्टाफ योजनाबद्ध तरीके से बीसीएमओ कार्यालय पहुंच गए और हंगामा खड़ा कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि इस दौरान बीसीएमओ डॉ. तेजपाल कटेवा के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें धमकियां दी गईं। यहां तक कि कुर्सी से हटाने और देख लेने जैसी बातें भी कही गईं।
एकतरफा कार्रवाई पर उठाए सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि इस पूरे विवाद में केवल राजेन्द्र सिंह ढाका के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि नर्सिंग स्टाफ और पीएमओ के खिलाफ अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बीसीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि यह निर्णय न्यायोचित नहीं है और इससे अस्पताल का माहौल बिगड़ रहा है।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
ज्ञापन देने वाले कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और बीसीएमओ कार्यालय स्टाफ को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है।





