उदयपुरवाटी: गुढ़ागौड़जी को पुनः उपखंड उदयपुरवाटी में शामिल करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। उदयपुरवाटी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की भूख हड़ताल और कार्य बहिष्कार गुरुवार को 9वें दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक चुप्पी के चलते अब यह आंदोलन जनआंदोलन का रूप लेने लगा है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
न्यायालय परिसर में 9वें दिन भी ठप रहा न्यायिक कार्य
उदयपुरवाटी न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं का पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी है। आंदोलन के तहत बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्रवण कुमार सैनी एडवोकेट, हनुमान गुर्जर एडवोकेट सहित अन्य अधिवक्ता लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे वादकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुढ़ागौड़जी को उपखंड से हटाने पर बढ़ी जनता की परेशानी
अधिवक्ताओं का कहना है कि जिला निरस्त होने के बाद गुढ़ागौड़जी को उपखंड उदयपुरवाटी में वापस नहीं जोड़ा गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को राजस्व, न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज भटकना पड़ रहा है। यही कारण है कि यह मांग केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रहकर अब आमजन की प्रमुख समस्या बन चुकी है।
कांग्रेस-भाजपा नेताओं का भी मिल रहा समर्थन
भूख हड़ताल को अब क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा से जुड़े कई नेताओं का समर्थन मिलने लगा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन जता चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन या निर्णय सामने नहीं आया है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष और अधिक गहराता जा रहा है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक गुढ़ागौड़जी को पुनः उपखंड उदयपुरवाटी में नहीं जोड़ा जाता, तब तक भूख हड़ताल और कार्य बहिष्कार अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन को और व्यापक रूप देने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।





