चिड़ावा: क्षेत्र में शनिवार को सामने आई एक चौंकाने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। गिडानिया गांव में मामूली कहासुनी के बाद भतीजे विजेंद्र द्वारा चाचा सुरेंद्र पर हमला किया गया, जिसके चलते सुरेंद्र के दोनों पैर टूट गए। खून-खराबे से परिवार में दहशत फैल गई।
मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप
चिड़ावा के निकट गिडानिया गांव में दिन में अचानक विवाद छिड़ा, जहां सुरेंद्र और भतीजे विजेंद्र के बीच कहा-सुनी हुई। बात बढ़ते ही विजेंद्र ने सुरेंद्र को लकड़ी के डंडे से बुरी तरह पीटा। गुस्से में किए गए हमले से सुरेंद्र घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और दर्द से कराहता रहा, जबकि आस-पास मौजूद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मारपीट की घटना इतनी भीषण थी कि सुरेंद्र के दोनों पैर टूट गए। परिवार ने जैसे-तैसे घायल को चिड़ावा उपजिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत झुंझुनूं जिला अस्पताल रेफर कर दिया क्योंकि उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी।
अस्पताल पहुंचे सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में स्पष्ट कहा कि हमले के पीछे उनका भतीजा विजेंद्र था। परिवार और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर आक्रोश और चिंता का माहौल है। गांव में इसे लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
सूचना मिलते ही चिड़ावा पुलिस अस्पताल पहुंची। हेड कांस्टेबल प्रवीण ने सुरेंद्र के बयान रिकॉर्ड किए और घटना की जगह की जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस अब मामले की तहकीकात कर रही है।





