खेतड़ी (झुंझुनूं): खेतड़ी के ढाणी बाढ़ान इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कल रविवार शाम से लापता 22 वर्षीय युवक का शव घर से महज 300 मीटर की दूरी पर एक खेत में बने कुएं में मिला। शव मिलने की खबर से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को कुएं में फेंकने का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। मौके पर मिले खून के धब्बे और संघर्ष के निशान इस मामले को और भी रहस्यमयी बना रहे हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत रविवार शाम को हुई। ढाणी बाढ़ान वार्ड नंबर 7 के रहने वाले राजेंद्र कुमार के 22 वर्षीय बेटे पंकज उर्फ बिल्लू के पास शाम करीब 7 बजे किसी का फोन आया। फोन पर बात करने के बाद वह किसी से मिलने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। चिंतित परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी हर संभव जगह तलाश की, लेकिन पंकज का कोई सुराग नहीं मिला। अंत में थक-हारकर परिवार ने खेतड़ी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
सोमवार की शाम को परिवार की तलाश उस वक्त एक खौफनाक मोड़ पर आकर रुक गई, जब घर से कुछ ही दूरी पर खेत में बने कुएं के पास पंकज के मोबाइल का कवर मिला। शक होने पर जब कुएं में झांका गया तो वहां पंकज का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही खेतड़ी डीएसपी और थानाधिकारी विजय कुमार चंदेल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। घटनास्थल का मंजर दिल दहला देने वाला था। खेत में फसल टूटी हुई थी और पैरों के घसीटने के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। कुएं के पास जमीन पर खून के धब्बे भी मिले। मृतक पंकज के शरीर पर भी चोटों के कई निशान पाए गए, जो किसी संघर्ष की ओर इशारा कर रहे थे।
इन सबूतों को देखते हुए परिजनों ने तुरंत हत्या की आशंका जताई। उनका आरोप है कि पंकज की बेरहमी से हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को कुएं में फेंका गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खेतड़ी के अजीत अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया। मंगलवार सुबह यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पंकज का शव लेने से साफ इनकार कर दिया। वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए और अस्पताल के सामने ही धरने पर बैठ गए।
धरने की सूचना मिलने पर खेतड़ी थानाधिकारी कैलाश चंद और खेतड़ीनगर थाने से विजय कुमार भड़िया समेत अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए समझाने की कोशिश की। लेकिन, गुस्साए परिजन इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक हत्या का खुलासा नहीं होता और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे। थानाधिकारी विजय कुमार चंदेल ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।







