सूरजगढ़: तहसील के काजड़ा गांव स्थित नवोदय विद्यालय के सामने उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक महिला शिक्षिका पर हिंदू महिलाओं को क्रिश्चियन धर्म से जुड़ी पुस्तकें बांटने और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप सामने आए। इस घटना के बाद गांव के सैकड़ों ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विद्यालय के बाहर एकत्र होकर जमकर नारेबाजी की।

बताया जा रहा है कि यह मामला पिछले दो महीनों से लगातार चल रहा था, लेकिन हाल ही में सामने आई सामग्री के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
बजरंग दल से जुड़े सुनील सिद्धड ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षिका गांव की महिलाओं को लालच देकर क्रिश्चियन धर्म अपनाने का दबाव बना रही है। उनका कहना है कि महिलाओं को दी गई लेखन सामग्री में प्रार्थना और “हीलिंग” के चमत्कारों का उल्लेख किया गया है, जिससे उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि पिछले करीब दो महीनों से जारी है और चार दिन पहले भी विद्यालय प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही पिलानी थानाधिकारी चंद्रभान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान ग्रामीणों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षिका के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस पूरे मामले में विद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया।
अब स्थानीय लोगों और संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




