चिड़ावा: क्षेत्र में तेजाजी भक्ति और सामाजिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। क्यामसर स्थित देश के सबसे ऊंचे और भव्य तेजाजी मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख रुपए के सहयोग की घोषणा करने वाले तेजा भक्त कर्मवीर सिंह मेचू का चिड़ावा में साफा और माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि जनसहयोग से बन रहे ऐतिहासिक तेजाजी मंदिर निर्माण को भी नई गति मिली।
तेजाजी मंदिर निर्माण में जनसहयोग की अहम भूमिका
क्यामसर में निर्माणाधीन तेजाजी मंदिर को लेकर क्षेत्रभर में उत्साह का माहौल है। तेजा भक्त कर्मवीर सिंह मेचू, जो मूल रूप से गांव सालम का बास के निवासी हैं और वर्तमान में चिड़ावा में रह रहे हैं, द्वारा 1 लाख रुपए के सहयोग की घोषणा को श्रद्धा और समर्पण की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। उनके इस योगदान से मंदिर निर्माण समिति और श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
चिड़ावा में हुआ सम्मान, सामाजिक संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी
कर्मवीर सिंह मेचू के इस सहयोग पर चिड़ावा में आयोजित स्वागत समारोह में राष्ट्रीय जाट महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों और समाजसेवियों की सक्रिय उपस्थिति रही। इस दौरान मनरूप सिंह माठ, कैप्टन कुलदीप मान, कंवरपाल बलवदा, केप्टन सुरेन्द्र महला, रामजीलाल झाझडिया, कृष्ण कुमार और राहुल सहित अनेक लोगों ने उनका साफा पहनाकर और माला अर्पित कर अभिनंदन किया। समारोह में वक्ताओं ने इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
165 फीट ऊंचे शिखर वाला देश का सबसे बड़ा तेजाजी मंदिर
राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विरेन्द्र क्यामसरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि क्यामसर में जनसहयोग से बनने वाला तेजाजी मंदिर 165 फीट ऊंचे भव्य शिखर के साथ भारत का सबसे बड़ा तेजाजी मंदिर होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में समाज के हर वर्ग से सहयोग मिल रहा है, जिससे यह आस्था का केंद्र तेजी से आकार ले रहा है।
आस्था, सेवा और संस्कृति का संगम
तेजाजी मंदिर निर्माण को लेकर क्षेत्र में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता भी देखने को मिल रही है। कर्मवीर सिंह मेचू जैसे श्रद्धालुओं का योगदान यह दर्शाता है कि आस्था और सेवा के माध्यम से समाज किस तरह बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों को साकार कर सकता है।





