लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस की पहली लिस्ट में 39 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हुई है जिसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ-साथ कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर सहित कई बडे़ नाम शामिल हैं।
इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ की 6 सीट, कर्नाटक की 7 सीट, केरल की 16 सीट, तेलंगाना की चार सीट, मेघालय की तीन सीट, लक्षद्वीप, सिक्किम और त्रिपुरा की एक-एक सीट से प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है. लेकिन इस लिस्ट को बनाने में कांग्रेस में एक बड़ी चूक हो गई है।
कांग्रेस का कैंडिडेट जीते तो भी भाजपा को होगा फायदा
इसे पार्टी की बड़ी चूक इसलिए कहा जा रहा है कि पार्टी ने एक ऐसे उम्मीदवार को भी चुनावी मैदान में उतार दिया है जो अभी राज्यसभा से सांसद है। यदि यह उम्मीदवार लोकसभा का चुनाव जीत भी जाता है तो उससे खाली हुई राज्यसभा सीट पर भाजपा आसानी से चुनाव जीत जाएगी। कहने का मतलब यह कि कांग्रेस का यह प्रत्याशी यदि लोकसभा का चुनाव जीत भी जाता है कि इसका फायदा भाजपा को होगा।
केसी वेणुगोपाल को केरल की अलापुझा सीट से उतारा
शुक्रवार 8 फरवरी को कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में 39 उम्मीदवारों की घोषणा की। इस घोषणा में केसी वेणुगोपाल ने खुद का भी नाम लिया। कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल को केरल की अलापुझा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। केसी वेणुगोपाल ने इसी सीट से 2009 के चुनाव में जीत हासिल की थी।
वेणुगोपाल को टिकट देना कांग्रेस की चूक क्यों?
केसी वेणुगोपाल इस समय राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं। उनकी राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल 2026 में समाप्त होने वाला है। 2020 में जब राजस्थान में कांग्रेस में सत्ता में थी जब केसी वेणुगोपाल को राज्यसभा भेजा था। लेकिन अब राजस्थान में कांग्रेस विपक्ष में हैं.श। ऐसे में यदि लोकसभा चुनाव 2024 में केसी वेणुगोपाल केरल की अलापुझा सीट से चुनाव जीत जाते हैं, उन्हें राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देना होगा उनके इस्तीफे के बाद भाजपा राजस्थान से राज्यसभा में एक और सांसद को पहुंचा देगी।





