उदयपुरवाटी: 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े संविदा नर्सिंग कार्मिकों ने एक बार फिर अपनी वर्षों पुरानी मांग को मजबूती से उठाया है। झुंझुनूं जिले की 108 एंबुलेंस टीम ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर संविदा नर्सेज की नियमित भर्ती, कम वेतन और भविष्य की अनिश्चितता जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सोमवार को उदयपुरवाटी में झुंझुनूं 108 एंबुलेंस टीम की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन उदयपुरवाटी के बीसीएमओ के माध्यम से भेजा गया, जिसमें संविदा नर्सिंग कार्मिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को विस्तार से रखा गया। ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद संविदा नर्सेज को न तो नियमित किया गया और न ही उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिल पा रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे NHM, NEHM, संविदा, निविदा, UTB, प्लेसमेंट एजेंसी, PPP मोड, MRS, NGO, 108 एंबुलेंस सेवा, 104-ममता, MMU, MMV और जनता क्लिनिक के अंतर्गत हजारों नर्सिंग कार्मिक लंबे समय से कार्यरत हैं। इन कार्मिकों में से कई कर्मचारी 8 से 10 वर्ष से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें अत्यंत कम वेतन में काम करना पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है।
संविदा नर्सिंग कार्मिकों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से संविदा पर कार्य करने के कारण कई कर्मचारी अब आयु की अंतिम सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। यदि शीघ्र नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वर्षों की सेवा के बावजूद वे सरकारी नौकरी के अवसर से वंचित रह जाएंगे। इसी कारण टीम ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि वर्ष 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर तथा चिकित्सा नियम 1965 के अंतर्गत नर्सिंग ऑफिसर के 12,000 और एएनएम के 7,000 पदों पर जल्द से जल्द भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर 10, 20 और 30 बोनस अंकों का प्रावधान किए जाने की मांग रखी गई, ताकि लंबे समय से कार्यरत संविदा नर्सेज को नियमित होने का अवसर मिल सके।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि वर्तमान में संविदा नर्सिंग कर्मचारी अत्यंत कम वेतन में कार्य करने को मजबूर हैं। इससे वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहे हैं। कई कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन-पोषण करना भी कठिन हो गया है। ऐसे में सरकार द्वारा नियमित भर्ती और बोनस अंकों का प्रावधान संविदा नर्सेज के लिए राहत साबित हो सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान 108 एंबुलेंस टीम से जुड़े राकेश बिरख, भंवर गांधी, प्रधान, विजय कुमार और हेमराज सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से संविदा नर्सिंग कार्मिकों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।





