उदयपुरवाटी: थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया। पुलिस थाना उदयपुरवाटी में आयोजित सीएलजी मीटिंग के दौरान बाल विवाह की रोकथाम, साइबर सुरक्षा जागरूकता और यातायात नियमों के पालन को लेकर आमजन को जागरूक किया गया। यह बैठक जिले में चल रहे विशेष पुलिस अभियानों के तहत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशानुसार जिले भर में बाल विवाह रोकथाम, साइबर अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 जनवरी 2026 को पुलिस थाना उदयपुरवाटी में सीएलजी मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।
मीटिंग की अध्यक्षता थानाधिकारी रामपाल मीणा ने की। बैठक के दौरान सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों और ग्राम रक्षकों से संवाद करते हुए उन्होंने साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया सुरक्षा, बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणाम और यातायात नियमों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज की सजगता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक अपराध होने के साथ-साथ गंभीर कानूनी अपराध भी है, जिसकी सूचना समय पर देने से कई परिवारों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए आमजन को ओटीपी, बैंक डिटेल और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने डिजिटल सुरक्षा को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
सीएलजी मीटिंग में यातायात नियमों को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव और नाबालिगों को वाहन न देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी तभी लाई जा सकती है जब नागरिक स्वयं जिम्मेदारी निभाएं।
बैठक के अंत में सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों और ग्राम रक्षकों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को बाल विवाह रोकथाम, साइबर सुरक्षा जागरूकता और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करें, ताकि पुलिस और समाज मिलकर अपराध मुक्त वातावरण बना सकें।





