ईडी और पुलिस के छापों का खौफ दिखा कर बिट्स पिलानी में कार्यरत एक महिला प्रोफेसर के साथ करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले की रिपोर्ट साइबर सेल झुंझुनू में महिला प्रोफेसर द्वारा दर्ज करवाई गई है।
साइबर सेल में दी गई रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार से बिट्स में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीजाता डे को अक्टूबर, 2023 में मुंबई से कुछ युवकों ने कॉल किए थे, जिन्होंने अपने आपको ईडी और पुलिस के अधिकारी बताते हुए उनसे बात की। युवकों ने प्रोफेसर श्रीजाता डे को बताया कि उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है और वे उसकी जांच कर रहे हैं। मोबाइल पर कॉल करने वाले युवकों ने उन्हें इस कदर भयभीत कर दिया था कि वे इसके बारे में किसी को बता भी नहीं सकी। ठगों ने मामला निपटाने के लिए और पुलिस कार्यवाही से उन्हें बचाने का झांसा देकर बीते 5 माह में प्रोफेसर श्रीजाता डे से 7 करोड़ 67 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

ठगों को देने के लिए 80 लाख रुपए का लोन भी लिया
अक्टूबर, 2023 से शुरू हुआ ठगी का यह सिलसिला जनवरी, 2024 तक चलता रहा। इस दौरान साइबर ठगों के चंगुल में बुरी तरह फंसने के बाद डरी हुई प्रोफेसर ने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दी। यही नहीं उन्होंने ठगों को देने के लिए 80 लाख रुपए का लोन भी लिया था, और वो रकम भी ठगों के बताए खातों में जमा करवा दी।

एसपी से लगाई गुहार, जिसके बाद दर्ज हुआ मुकदमा
अपने साथ हुई करोड़ो रुपए की ठगी की वारदात के बाद महिला प्रोफेसर शुक्रवार शाम को झुंझुनू एसपी देवेंद्र विश्नोई के पास पहुंची। एसपी विश्नोई के निर्देश पर जिला पुलिस की साइबर सेल में आकाश कुल्हरी और सन्दीप राव सहित एक अन्य युवक के विरुद्ध 7 करोड़ 67 लाख की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। साइबर थाना डीएसपी हरिराम सोनी ने बताया कि पुलिस मामले में जांच कर रही है।




