झुंझुनू: जिले में अरावली पर्वतमाला से जुड़े नियमों को लेकर सियासी गर्माहट तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में विद्यार्थी भवन से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए पैदल मार्च में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर अरावली की “गलत परिभाषा” गढ़कर प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने का आरोप लगाया। इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया।
अरावली की कथित गलत परिभाषा के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अरावली पर्वतमाला को लेकर बनाए जा रहे नए नियम पर्यावरण संरक्षण के बजाय औद्योगिक हितों को साधने के लिए तैयार किए जा रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा की रीढ़ है, और इसकी अनदेखी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए सीधे आरोप
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अरावली क्षेत्र से जुड़े नियमों में बदलाव कर खनन और बड़े प्रोजेक्ट्स का रास्ता साफ किया जा रहा है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा और स्थानीय लोगों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का राजनीतिक वजन
इस पैदल मार्च में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा, पूर्व प्रधान निहाल सिंह रणवा, पूर्व प्रधान शेर सिंह नेहरा, युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विपिन नूनिया, राजेश गोदारा, पिलानी चेयरमैन प्रतिनिधि रोहिताश रणवा, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के अध्यक्ष राजकुमार राठी, चिड़ावा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय सैनी, पिलानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद काजला, नगर कांग्रेस अध्यक्ष पिलानी सुनील पंडित, बख्तावरपुरा सरपंच अनिल कटेवा, खुडाना सरपंच महावीर जोया, ग्राम सेवक मंडल अध्यक्ष विद्याधर, अनिल जांगिड़, संदीप भटैया, विनोद कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘अरावली बचाओ’ का संदेश लेकर कलेक्ट्रेट तक मार्च
विद्यार्थी भवन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि अरावली के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा आंदोलन बताया। नेताओं ने कहा कि अरावली को बचाने की यह लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी और जनता को इसके लिए जागरूक किया जाएगा।





