Wednesday, February 18, 2026
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“मैं 200% टैरिफ लगा दूंगा” – गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को फ्रांस ने ठुकराया तो भड़के डोनाल्ड ट्रंप, मैक्रों का प्राइवेट मैसेज किया लीक

न्यूयॉर्क: अमेरिका और फ्रांस के रिश्तों में एक बार फिर तीखा मोड़ आ गया है। गाजा को लेकर प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से फ्रांस के इनकार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुलकर नाराज नजर आए। ट्रंप ने फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दी, वहीं जवाब में फ्रांस ने इसे अस्वीकार्य करार दिया। इस विवाद ने अमेरिका-फ्रांस कूटनीतिक तनाव, गाजा युद्ध, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार युद्ध जैसे मुद्दों को एक बार फिर वैश्विक चर्चा में ला दिया है।

गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर क्यों आमने-सामने आए अमेरिका और फ्रांस

ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा जैसे युद्ध प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण और शांति प्रक्रिया की निगरानी के लिए अहम पहल बताया गया था। हालांकि फ्रांस ने इस प्रस्ताव से दूरी बनाते हुए स्पष्ट किया कि इस बोर्ड का दायरा केवल गाजा तक सीमित नहीं रहेगा और यह उसकी विदेश नीति के मूल सिद्धांतों से मेल नहीं खाता। फ्रांस के इस फैसले को अमेरिका ने सीधे तौर पर अपने प्रभाव को चुनौती देने के रूप में देखा।

“200% टैरिफ लगा दूंगा” – ट्रंप की खुली चेतावनी से बढ़ा तनाव

मीडिया से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा देंगे। ट्रंप का यह बयान सीधे इमैनुएल मैक्रों को लेकर था, जिसमें उन्होंने यह भी जोड़ा कि दबाव पड़ने पर फ्रांस खुद ही इस बोर्ड में शामिल हो जाएगा। इस बयान के बाद अमेरिका-फ्रांस व्यापार युद्ध की आशंकाएं और गहरा गईं।

ट्रुथ सोशल पर लीक हुआ मैक्रों का प्राइवेट मैसेज

विवाद यहीं नहीं रुका। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इमैनुएल मैक्रों का एक निजी संदेश सार्वजनिक कर दिया। इस मैसेज में मैक्रों ने लिखा था कि ईरान और सीरिया जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख को वह समझ नहीं पा रहे हैं। इस लीक को कूटनीतिक मर्यादाओं के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है।

दावोस बैठक और डिनर का न्योता भी नहीं सुलझा सका विवाद

मैक्रों ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दावोस में मुलाकात और डिनर का निमंत्रण भी ट्रंप को भेजा था, लेकिन बढ़ते बयानबाजी और टैरिफ की धमकियों के बीच यह प्रयास भी रिश्तों में आई तल्खी को कम नहीं कर सका।

ग्रीनलैंड मुद्दे पर फ्रांस का तंज

इस पूरे विवाद के बीच फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की नीति पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि अगर भविष्य में आग लगने की आशंका है, तो बेहतर है अभी ही घर जला दिया जाए। इस टिप्पणी को ट्रंप प्रशासन की आक्रामक विदेश नीति पर सीधा तंज माना जा रहा है।

फ्रांस की सख्त प्रतिक्रिया – “धमकी बेअसर और अस्वीकार्य”

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े एक सूत्र ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि टैरिफ की धमकी न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि बेअसर भी है। फ्रांस का साफ कहना है कि किसी देश की विदेश नीति को प्रभावित करने के लिए आर्थिक दबाव बनाना सही तरीका नहीं हो सकता। इस बयान से साफ है कि फ्रांस इस मुद्दे पर झुकने के मूड में नहीं है।

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