झुंझुनू: जिले के बिसाऊ कस्बे में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां प्लास्टिक की थैली में लिपटा हुआ नवजात शिशु गंदे पानी के पास रोता मिला। स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई। घटना ने कस्बे में अफसोस और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे बिसाऊ निवासी मदनलाल पुत्र तेजाराम ने भीखनसर रोड पर श्मशान घाट के पास से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक नवजात शिशु प्लास्टिक की थैली में लिपटा हुआ पड़ा था और हरे कपड़े में सिमटा हुआ था। बच्चे का जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ बताया गया है, और वह ठंड व गंदगी के बीच संघर्ष कर रहा था।
सूचना मिलते ही बिसाऊ थाना प्रभारी महेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह और टीम मौके पर पहुंची। बच्चे को सुरक्षित उठाकर तुरंत बिसाऊ स्थित जटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉ. निधि ने प्राथमिक इलाज किया और उसकी सेहत को स्थिर किया। मौके पर मौजूद जवान श्रीराम और सुनील ने बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी बदौलत नवजात की जान बच सकी।
पुलिस ने मामला उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है और सूचनाकर्ता के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। बच्चे की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे झुंझुनू जिला मुख्यालय भेजने की तैयारी की जा रही है। घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है और नवजात को लेकर समाज में गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।




