चिड़ावा: शहर के महालक्ष्मी नाम से प्रारंभ हुई परमहंस पंडित गणेश नारायण बावलिया बाबा की दिव्य संदेश यात्रा ने पांचवें दिन खेतड़ी क्षेत्र के गांवों और कस्बों में आध्यात्मिक वातावरण बना दिया। खेतड़ी, नालपुर और त्योंदा में यात्रा रथ के पहुंचते ही भक्तों ने जयकारों, आरती, भजन और पुष्पवर्षा के साथ भावनात्मक स्वागत किया। बाबा के निर्वाण दिवस से पूर्व यह यात्रा शेखावाटी अंचल में श्रद्धा, सेवा और संदेश का प्रतीक बनती जा रही है।
बावलिया बाबा की दिव्य संदेश यात्रा के खेतड़ी पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। बाबा के दिव्य स्वरूप से सुसज्जित रथ की विधिवत आरती की गई और भक्तों को प्रसाद व बाबा का आध्यात्मिक साहित्य वितरित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
खेतड़ी से आगे बढ़ते हुए यात्रा रथ नालपुर पहुंचा, जहां गांव की सीमा से ही भक्तों ने जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। मुख्य चौक पर बाबा के स्वरूप की आरती के बाद मंगल पाठ, भजन और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर यात्रा संयोजक संतोष कुमार शर्मा की अगुवाई में प्रभुशरण तिवाड़ी, पंडित सियाराम शर्मा, सुरेश शेखावत, सुभाष धाबाई, रत्तीराम राजोतिया, सुरेन्द्र बसेरा, विक्रम सिंह और श्याम राणा का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में कैप्टन देशराज काजला, उपसरपंच विजय सिंह, पंच हनुमान सिंह, डॉ अनिल शर्मा, इंजीनियर अनुज शर्मा, दरिया सिंह, महावीर शर्मा, मनोज शर्मा, उदय सिंह भगत, धर्मवीर कुमावत, विनोद कुमार मेघवाल, अजीत सिंघल, महेश बागोरिया और रविदत्त जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुरेन्द्र जांगिड़ ने किया।
नालपुर से आगे यात्रा त्योंदा पहुंची, जहां श्याम मंदिर में पंडित सुरेश शास्त्री के नेतृत्व में बाबा के दिव्य स्वरूप की आरती उतारी गई। यहां भी प्रसाद और आध्यात्मिक साहित्य का वितरण हुआ।
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच रणवीर सिंह, महावीर सिंह, फूलचंद टेलर, अशोक शर्मा, बहादुर सिंह, रामचंद्र अग्रवाल, बलबीर जांगिड़, बंसी गुर्जर, कैलाश शर्मा, मनोहरलाल शर्मा, बनवारी लाल भगत, बैजू दर्जी, जगदीश गुर्जर, केदारमल शर्मा, कैलाश गुर्जर और मनीराम जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मनौतियां मांगी।
बावलिया बाबा की यह दिव्य संदेश यात्रा न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रही है। गांव-गांव में मिल रहा अपार समर्थन इस बात का प्रमाण है कि बाबा की शिक्षाएं आज भी जनमानस को प्रेरित कर रही हैं।





