पचेरी: राजस्थान के शेखावाटी अंचल से पैरा खेलों को नई पहचान मिली है। सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी के मारवाड़ इंडोर एरीना में पैरा थ्रोबॉल नेशनल फेडरेशन कप 2026 सह ट्रायल सेलेक्शन द्वितीय एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने पैरा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, प्रतिभा और संघर्ष को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।
पैरा थ्रोबॉल नेशनल फेडरेशन कप 2026 का औपचारिक उद्घाटन
पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी सिंघानिया विश्वविद्यालय कर रहा है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, हाई-टी, वृक्षारोपण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों को शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
सिंघानिया विश्वविद्यालय का खेलों के प्रति स्पष्ट विज़न
विश्वविद्यालय के प्रेजिडेंट मनोज कुमार, जो सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रह चुके हैं, ने स्वागत भाषण में कहा कि सिंघानिया विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षित कोचिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय न केवल सामान्य खिलाड़ियों बल्कि पैरा खिलाड़ियों के लिए भी हर स्तर पर अवसर सृजित करने को तत्पर है। पैरा खिलाड़ियों के आत्मबल, संघर्ष और प्रतिभा की उन्होंने विशेष सराहना की।
“सही मंच मिले तो पैरा खिलाड़ी भी इतिहास रचते हैं”
गेस्ट ऑफ ऑनर अल्बर्ट प्रेम कुमार ने आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो ये खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने पैरा खिलाड़ियों के लिए इस तरह का सशक्त मंच उपलब्ध कराने पर सिंघानिया विश्वविद्यालय की भूमिका को सराहा।
पैरा खेलों के लिए प्रेरणादायी पहल
विशेष अतिथि संदीप नेहरा, जो नॉबल एजुकेशन ग्रुप से जुड़े हैं, ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित करना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।
असलम शेर खान बोले—राजस्थान खेलों का नया हब बन रहा है
मुख्य अतिथि, एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी असलम शेर खान ने अपने खेल जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है और सिंघानिया विश्वविद्यालय जैसे संस्थान इस बदलाव के मजबूत स्तंभ बन रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को पैरा खिलाड़ियों के लिए उभरता हुआ प्रेरणादायी केंद्र बताया।
वर्ल्ड पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष ने जताया भावनात्मक जुड़ाव
कार्यक्रम की अध्यक्ष और वर्ल्ड पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन की प्रमुख निर्मला रावत ने भावुक शब्दों में कहा कि पैरा खिलाड़ियों को सम्मान, सुविधाएं और अवसर मिलना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सिंघानिया विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
वी आर वन’ ग्रुप की प्रस्तुति ने जीता दिल
समारोह के दौरान हुसैन के नेतृत्व में दिव्यांग बच्चों के ‘वी आर वन’ ग्रुप की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच से प्रस्तुत यह कार्यक्रम समावेशन और एकता का जीवंत संदेश देता नजर आया।
मार्च-पास्ट, गुब्बारे और पहला मुकाबला
उद्घाटन के अंतिम चरण में अतिथियों ने आकाश में गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों से आई टीमों ने मार्च-पास्ट किया। प्रतियोगिता में 300 से अधिक पैरा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उद्घाटन के बाद पहला मुकाबला राजस्थान और आंध्र प्रदेश की टीमों के बीच खेला गया। समापन राष्ट्रगान और टीम फोटोग्राफ के साथ हुआ।
विशिष्ट खिलाड़ियों और खेल प्रशासकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेंद्र गहांगस, चरण सिंह, सुखबीर थॉकस और मनीषा कादयान को उनके खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। संचालन राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अधिवक्ता विजय हिन्द जालिमपुरा ने किया।
सहयोग और सहभागिता ने आयोजन को बनाया यादगार
इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में इंडसइंड बैंक, यस बैंक, एक्सिस बैंक, सारथी एजुकेशन ट्रस्ट, मिडवे हाईवे हेवन रेस्टोरेंट, गणपति सर्विस स्टेशन, नॉबल एजुकेशन ग्रुप, रॉयल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, चौधरी जनरल एजेंसी, पितांबर टेक्सटाइल, श्रीराम एंटरप्राइजेज, टिया ग्रीन हाउस, विद्या भारती पब्लिक स्कूल, हरियाणा प्राइवेट एसोसिएशन, सेल्फ सिक्योरिटी सिस्टम, बुहाना पब्लिक स्कूल और शर्मा हार्डवेयर का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्टाफ, नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।





