मण्ड्रेला: क्षेत्र के गांव नालवा को नवीन ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के बाद इलाके में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया और भाजपा नेता राजेश दहिया का नागरिक अभिनंदन कर आभार जताया।
नालवा गांव स्थित झुंझार सिंह मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर नई ग्राम पंचायत बनने की खुशी जाहिर की। आयोजन की अध्यक्षता लांबा सरपंच भरत सिंह ने की, जबकि भाजपा मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनी और नरेंद्र पूनिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और मातृ शक्ति की भागीदारी देखने को मिली, जिससे आयोजन पूरी तरह जनसहभागिता का प्रतीक बन गया।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत धत्तरवाला और ग्राम पंचायत लांबा के राजस्व गांव नालवा में दिलावरपुरा, कुरेशी नगर और गोविंदपुरा को शामिल करते हुए नई ग्राम पंचायत का गठन किया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस फैसले से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और स्थानीय समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर तेजी से संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश दहिया ने कहा कि नालवा को नवीन ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने से प्रशासनिक सुविधाओं में सुधार होगा और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नई ग्राम पंचायत बनने से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राजेश दहिया ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार गांवों के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
इस दौरान ग्रामीणों ने नालवा गांव से गोविंदपुरा सीमा तक सड़क निर्माण, नालवा से दिलावरपुरा तक सड़क निर्माण और नालवा में बोरिंग कुएं के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि नई ग्राम पंचायत बनने के बाद बुनियादी सुविधाओं का विस्तार उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में मातुराम गोदारा, अनिल गोदारा, सुरेश डांगी, राजकुमार डांगी, गुलाब डांगी, गोपीचंद शर्मा दिलारपुर, सुरेश चाहर और प्रहलाद चाहर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नई ग्राम पंचायत के गठन को नालवा के लिए एक नया अध्याय बताते हुए इसे विकास की दिशा में मजबूत कदम करार दिया।





