झुंझुनूं, 31 दिसम्बर: जिले में तिलहनी फसलों की बेहतर उत्पादन तकनीकी हो इसके संबंध में बुधवार को जिले के डूण्डलोद गांव में राष्ट्रीय तिलहन मिशन योजनान्तर्गत प्रशिक्षण शिविर किया गया। इस प्रशिक्षण में कई गांवों के प्रगतिशील तिलहन उत्पादक, कृषकों ने भाग लिया।
ग्राहा प्रशिक्षण केन्द्र के उप निदेशक व प्रभारी उत्तम सिंह सिलायच ने मृद्रा की जांच व पोषक तत्वों की कमी के लक्षण तथा इनकी उपलब्धता तथा उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव के विषय मे विस्तार से जानकारी दी। कृषकों से संवाद करते हुए कीटनाशी रसायनों के फसलों पर छिडकाव के समय सावधानी या रखने की जानकारी दी।
कृषिक विज्ञान केन्द्र के कीट विज्ञान विषय विशेषज्ञ डाॅ. राजेन्द्र नागर ने सरसो की जिले के परिपे्रक्ष्य में कम पानी चाहने वाली किस्मों का उपयोग करने की सलाह दी।
डाॅ. नागर ने सरसो, तारामीरा, में लगने वाले टेता/चेपा के नियंत्रण के संबंध में भी आवश्यक रसायनों की मात्रा, छिड़काव0 का समय एवं तरीके के बारे में बताया।
इस प्रशिक्षण में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक कृष्णा कटेवा, सरिता ने कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान सहायक कृषि अधिकारी विजय सिंह कुलहरी सहित बडी संख्या में किसान उपस्थित रहे।





