झुंझुनू: जिले के चिड़ावा ब्लॉक में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सुलताना में राजीविका मिशन की ब्लॉक प्रभारी रेणुका और उनके सहयोगी धर्मेंद्र को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल, 20 हजार की रिश्वत बरामद
जानकारी के अनुसार, राजीविका मिशन से जुड़ी एक आशा सहयोगिनी ने आरोप लगाया था कि उसका पिछले नौ महीनों से भुगतान अटका हुआ है। इस भुगतान को जारी करने के एवज में ब्लॉक प्रभारी रेणुका और सहयोगी धर्मेंद्र ने उससे 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही धर्मेंद्र ने 20 हजार रुपए की राशि ली, एसीबी ने मौके पर उसे धर दबोचा। इसके बाद प्रभारी रेणुका को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
DIG राजेश सिंह के सुपरविजन में चली कार्रवाई
इस कार्रवाई को DGP गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में तथा DIG राजेश सिंह की देखरेख में ACB अधिकारी शब्बीर खान की टीम ने अंजाम दिया। टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है और दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार के नेटवर्क की जांच जारी
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुलताना ब्लॉक में रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क और किन लोगों तक फैला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई भुगतान मामलों में देरी जानबूझकर की जा रही थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, एसीबी की आगे की कार्रवाई में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों में मचा हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद चिड़ावा और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है। राजीविका मिशन के अन्य कर्मचारियों में भी डर और सतर्कता देखी जा रही है। ईमानदार कर्मचारियों ने एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की उम्मीद बढ़ी है।
इलाके में चर्चा, सोशल मीडिया पर वायरल खबर
ACB की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस कदम को “भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश” बताया। वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसी कार्रवाई अन्य सरकारी मिशनों में भी होगी, जहां वर्षों से फाइलें अटकी पड़ी हैं।





