Wednesday, February 18, 2026
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चिड़ावा में भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया: वीरांगनाओं को सम्मान, गैलंट्री अवॉर्ड विजेता और भामाशाहों का भी हुआ सत्कार

चिड़ावा: शहर में आयोजित भूतपूर्व सैनिक दिवस कार्यक्रम ने देशभक्ति और बलिदान की मिसाल पेश की। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में मंगलवार को वीरांगनाओं, गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं और सेवा समर्थकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल हुए और शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

शहीद वीरांगनाओं को सम्मान — शॉल और नारियल भेंट

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती काजल, भतेरी देवी और विमला देवी सहित कई वीरांगनाओं ने मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई, जहां कर्नल सुरेश कुमार जांगिड़ और पूर्व सैनिक नायब तहसीलदार बलवीर कुलहरी ने उन्हें गर्म शॉल और नारियल देकर सम्मानित किया। वीरांगनाओं सुनीता देवी, सरोज देवी और सूरज कोर का भी अभिनंदन किया गया।

गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं का किया गौरवपूर्ण सम्मान

सैनिकों की वीरता और विशेष सेवाओं का सम्मान करते हुए लियाकत अली को विशिष्ट सेवा मंडल के रूप में सम्मानित किया गया। सुरेश कुमार और सुनील कुमार को सेना मेडल प्रदान किया गया। सम्मानित सैनिकों ने कहा कि देश के लिए सेवा का गर्व हर सैनिक के जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

भामाशाहों ने बढ़ाया कार्यक्रम का मान

गौरव सेनानी सेवा समिति झुंझुनू के अध्यक्ष शीशराम डांगी, समिति उपाध्यक्ष कप्तान हरलाल डांगी तथा ब्रह्मानंद रोहिल्ला सहित समाजसेवी दाताओं को भी मंच से गर्म शॉल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए सभी भामाशाहों ने पूर्व सैनिक परिवारों के हित में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

पूर्व सैनिकों की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में सूबेदार पूनम सिंह नरूका, कमांडो लीलाधर लमोरिया, जमशेद अली, पूनम सिंह नरूका, जयकरण, सतपाल नरूका, जयवीर सिंह, सुरेश भालोतिया, रमेश, योगेश जांगिड़, रामस्वरूप सोमरा, राजेंद्र सिंह, शेर सिंह और संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में रिटायर्ड सैनिक मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर कौमी एकता, देशभक्ति और सैन्य सेवा की भावना देखने को मिली।

देश सेवा के सम्मान में भावनाएं उमड़ीं

भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने कहा कि सेना से रिटायर होने के बाद भी सेवा का जज़्बा कम नहीं होता। वक्ताओं ने बताया कि शहीदों के परिवारों का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है और समाज को सैनिकों के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।

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