चिड़ावा: शहर के स्टेशन रोड स्थित अरडावता फाटक क्षेत्र में लंबे समय से एक आक्रामक नंदी के कारण भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। नंदी द्वारा राहगीरों पर हमले की घटनाओं से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खासे डरे हुए थे। स्थिति को गंभीर मानते हुए समय रहते सूचना दी गई, जिसके बाद गौरक्षकों की तत्परता से नंदी को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया और क्षेत्र में राहत की स्थिति बनी।
अरडावता फाटक के आसपास नंदी के आक्रामक व्यवहार से आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, नंदी अचानक राहगीरों पर दौड़ पड़ता था, जिससे कई बार अफरा-तफरी की स्थिति बन चुकी थी। खासतौर पर महिलाएं और बच्चे इस मार्ग से गुजरने में भय महसूस कर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवा प्रवक्ता विकास पायल ने गौरक्षकों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही सेंटी बन्ना, अर्जुन नायक, नवीन और निकू सहित गौरक्षक दल तुरंत मौके पर पहुंचा। सभी ने आपसी समन्वय और सतर्कता के साथ नंदी को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की।
गौरक्षकों की कड़ी मेहनत और सावधानी के चलते नंदी को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रूप से काबू में ले लिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी भी नागरिक को चोट नहीं आई, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के बाद नंदी को सुरक्षित रूप से झुंझुनूं पहुंचाने की जिम्मेदारी विकास पायल द्वारा निभाई गई। नंदी के हटते ही अरडावता फाटक और आसपास के वार्ड क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विकास पायल ने गौरक्षकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने भी गौरक्षकों की तत्परता और मानवीय प्रयास की सराहना की।





