चिड़ावा: शहर के पिलानी रोड़ स्थित भगीनिया जोहड़ में रविवार रात फिर अचानक कचरे के ढेरों में आग भड़क उठी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। पिछले 5 दिनों में तीसरी बार हुए इस अग्निकांड ने असामाजिक तत्वों की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिलानी से अतिरिक्त फायरब्रिगेड बुलाने तक हालात बिगड़ते रहे।
फायरमैन विकास लामोरिया ने बताया कि भगीनिया जोहड़ के कचरे में मात्र पांच दिनों में यह तीसरी बार है जब आग ने अचानक जोर पकड़ लिया। आग आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर लगी थी, जिससे यह स्पष्ट है कि घटना प्राकृतिक नहीं बल्कि किसी अज्ञात असामाजिक तत्व की सोची-समझी हरकत का परिणाम हो सकती है। लगातार बढ़ती आग की घटनाओं से स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया है।
कचरा डंप के जिन स्थानों पर आग लगाई गई, वह क्षेत्र इतना संकरा था कि फायरब्रिगेड की गाड़ी सीधी अंदर तक नहीं पहुंच सकी। इस कारण आग तेजी से फैलती गई और लपटें ऊंची उठने लगीं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पिलानी से भी फायरब्रिगेड बुलवाई गई, जिसके बाद ओपरेटर अनिल चौधरी सहित टीमों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।
लगातार फैल रहे धुएं और तेज लपटों के बीच फायरमैनों ने करीब दो घंटे तक संघर्ष किया। अनिल चौधरी और विकास लामोरिया के साथ अन्य फायरकर्मियों ने मिलकर कचरे के हर हिस्से पर पानी डाला और आग को पूरी तरह बुझाने का प्रयास किया। आखिरकार लंबे प्रयासों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन बार-बार दोहराई जाने वाली घटनाओं ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
लगातार कम समय में कई बार आग लगना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। कचरे के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ आग लगने से स्पष्ट है कि किसी ने जानबूझकर आग लगाने की कोशिश की है। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल जांच की मांग कर रहे हैं ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके।





