झुंझुनूं: नई दिल्ली में आयोजित 70वें अतिविशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 समारोह में लोयल निवासी ओंकार मेघवाल को सम्मानित किया गया। रेलवे पुलिस फोर्स में तैनात ओंकार ने ट्रेन में आग लगने के खतरे के बीच यात्रियों की जान बचाकर झुंझुनू का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह उपलब्धि राजस्थान के ग्रामीण युवा साहस और जिम्मेदारी की मिसाल बन गई है।
नई दिल्ली में 100 अधिकारियों को सम्मान, शामिल हुआ झुंझुनू का नाम
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 9 जनवरी 2026 को इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, यशोभूमि नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में 100 रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिविशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 प्रदान किए। इसी मंच पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विभिन्न रेलवे जोनों को 26 शील्ड भी दी गईं। इस राष्ट्रीय सम्मान सूची में झुंझुनू जिले के लोयल गांव निवासी ओंकार मेघवाल का नाम शामिल होना जिले के लिए गर्व का क्षण रहा।
ट्रेन में आग, यात्रियों में अफरा-तफरी, अकेले खड़ा रहा एक जवान, बचाई लोगों की जान और माल
रेलवे पुलिस फोर्स में कांस्टेबल पद पर तैनात ओंकार मेघवाल ने 7 जून 2024 को ट्रेन संख्या 19412 में आग लगने की भयावह घटना के दौरान अद्भुत साहस दिखाया। यह हादसा समपार गेट 214 के पास हुआ, जहां कोच में उठते धुएं के बीच अधिकांश लोग घबराकर बाहर भागने लगे। इसी दौरान ओंकार ने बिना देरी किए जलते डिब्बे में प्रवेश किया और यात्री सुरक्षा की कमान संभाली।
ओंकार ने धुएं और लपटों का सामना करते हुए यात्रियों को बाहर निकाला, आपातकालीन खिड़कियां तोड़कर रास्ता बनाया और बुजुर्गों व बच्चों को सुरक्षित कोच से निकलवाया। मुश्किल परिस्थितियों में उनके प्रयासों ने यात्रियों की जान और रेलवे संपत्ति दोनों की रक्षा की।
झुंझुनू में खुशी की लहर, आवाम ग्रुप ने कहा—असली हीरो
अवॉर्ड की खबर मिलते ही झुंझुनू और हाईवे सुरक्षा से जुड़े सामाजिक संगठनों में खुशी का माहौल फैल गया। आवाम ग्रुप सदस्य सीताराम बास बुडाना ने बताया कि समारोह का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ, और ओंकार जैसे सच्चे कर्मवीरों की पहचान से ग्रामीण युवाओं की प्रेरणा बढ़ेगी। उसी समूह के समुद्र सिंह ढेबानियां और मनेश्वर सिरोवा ने कहा कि ओंकार का साहस किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था, जिसने कई परिवारों को अपूरणीय क्षति से बचा लिया।
युवा प्रेरणा, रेल सुरक्षा का संदेश
इस सम्मान ने रेलवे सुरक्षा कर्मियों की प्रतिबद्धता को फिर साबित किया है। ओंकार मेघवाल जैसे युवा यह संदेश दे रहे हैं कि आपदा के समय प्रशिक्षण, साहस और जिम्मेदारी देश की लाखों यात्राओं को सुरक्षित बनाते हैं।





